कार्यकत्रियों को धकेलकर हटाती महिला कांस्टेबल।
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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को उग्र प्रदर्शन किया। महिला पुलिसकर्मियों से धक्का मुक्की के तीन कार्यकत्रियों की हालत बिगड़ गई। उन्हें लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां स्टेचर नहीं मिलने पर एक बार फिर हंगामा हुआ। मौके पर पहुंचे अफसरों ने समझा बुझाकर शांत कराया।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाएं खुद को राज्य कर्मचारी घोषित करने, बकाया भुगतान करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर कई दिनों से प्रदर्शन कर रही हैं। बुधवार को सातों ब्लाकों की कार्यकत्रियां विकास भवन पहुंचीं। यहां से नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप मेंकलेक्ट्रेट पहुंचीं। यहां डीएम का घेराव कर नारेबाजी करने लगीं। इस दौरान डीएम कर्ण सिंह चौहान कलेक्ट्रेट से बाहर निकल आए।
वे पैदल ही एसपी आफिस की ओर जाने लगे तो कार्यकत्रियां नारेबाजी करते हुए उनके पीछे दौड़ पड़ीं। इसके बाद फतेहगढ़ चौराहा पर पहुंचकर रास्ता जाम कर दिया। यहां पहुंची महिला पुलिसकर्मियों से उनकी हाथापाई हो गई। इस दौरान शमसाबाद की बिट्टो दुबे और जया गंगवार तथा नवाबगंज की सुलोचना बेहोश हो गईं। आनन- फानन में एसडीएम की गाड़ी से इन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया गया।
यहां स्टेचर नहीं मिलने पर एक बार फिर कार्यकत्रियों ने हंगामा किया। एएसपी व नगर मजिस्ट्रेट ने कार्यकत्रियों को समझा बुझाकर रास्ता खुलवाया और ज्ञापन लिया।