कामबंद हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन करते लेखपाल।
- फोटो : अमर उजाला
नगर विकास मंत्री आजम खां की टिप्पणी के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपालों ने सदर तहसील में कामबंद कर विरोध प्रदर्शन किया। लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपकर संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों से इस तरह की टिप्पणी किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की।
मंगलवार को सदर तहसील में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान लेखपाल संग के अध्यक्ष बलवीर सिंह ने कहा कि लेखपाल के ऊपर सबसे ज्यादा काम का बोझ होता है। मंत्री श्यामबाबू श्रीवास्तव ने कहा कि नगर विकास मंत्री ने लेखपाल को समाज का सबसे गंदा व्यक्ति कहकर उन्हें अपमानित करने का काम किया है। इससे लेखपाल संवर्ग को आघात पहुंचा है।
अजीत द्विवेदी ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण व सम्मानित संवर्ग है। शासन की किसानों व ग्रामीणों से संबंधित सभी योजनाओं व नीतियों के क्रियान्वयन में लेखपाल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में लेखपालों पर गलत टिप्पणी करना उनके सम्मान को ठेस पहुंचाना है। इस दौरान पहुंचे अपर जिलाधिकारी आरबी सोनकर को लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर सैदमीर खां, हरेंद्र प्रकाश सक्सेना, राहुल सिंह, सरोज पाठक, श्वेता पांडेय, कीर्ति सिंह तोमर, ज्योति शर्मा, बादाम सिंह और विजय पाल आदि मौजूद रहे।