कुदरत के खेल भी बड़े निराले होते हैं। पिता का साया सिर से उठने के बाद तीन मासूम बच्चों का खेतीबाड़ी कर पालन-पोषण करने वाली विधवा मां का साया भी उनके सिर से छिन गया। यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ, जब महिला खेत में बर्बाद हुई अपनी फसल देखने गई थी। फसल देख उसे हार्टअटैक पड़ गया। परिजन उसे लोहिया अस्पताल
लाए तो चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर बुधवार को तहसीलदार और लेखपाल मौके पर पहुंचे।
थाना क्षेत्र के गांव रायपुर निवासी सुनीता देवी (40) पत्नी स्व. किशनपाल अपने तीन बच्चों नीतू (8), रितु (6) और पवन (4) का खेतीबाड़ी कर पालन-पोषण करती थी। प्रधान पुष्पा देवी के मुताबिक पति की मौत के बाद सुनीता देवी खुद ही ढाई
बीघा खेत में खेतीबाड़ी करती थी। इस बार सुनीता ने गेहूं की फसल कर रखी थी लेकिन पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि और बरसात से उसकी फसल बर्बाद हो गई। कुछ दिन बाद कटनई शुरू होनी थी। इसके चलते मंगलवार की शाम वह मजदूरों को लेकर खेत पर पहुंची। इस पर मजदूरों ने कहा कि फसल 60 फीसदी बर्बाद हो गई है। जितनी वह मजदूरी देगी उतने
की फसल नहीं होगी। यह सुनकर उसकी तबियत बिगड़ गई। जानकारी मिलने पर पहुंचा देवर नेत्रपाल भाभी को 108 एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां उसे चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। देवर नेत्रपाल ने बताया कि चिकित्सक ने भाभी सुनीता देवी की मृत्यु हार्टअटैक से होना बताई। परिजन शव लेकर घर चले आए। बुधवार को
तहसीलदार कायमगंज शेख अली मीर खां और लेखपाल साहब सिंह मृतका के घर पहुंचे। तहसीलदार ने लेखपाल को निर्देश दिए कि कृषक बीमा की रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजें।
कौन करेगा मासूम बच्चों की परवरिश
पिता और मां का साया सिर से छिनने के बाद अब इनके मासूम तीन बच्चों की परवरिश को लेकर परिजनों को चिंता सताने लगी है। गांव रायपुर निवासी सुनीता देवी के पति, सास और ससुर की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। सुनीता अलग
रहकर अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही थी। अब इनकी जिम्मेदारी कौन संभालेगा क्योंकि मृतका के ससुराल की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। वहीं देवर नेत्रपाल का कहना है कि इन मासूम बच्चों की परवरिश वह करेगा।