रोडवेज बस की चपेट में आने से बाइक सवार महिला की मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। एसडीएम के आश्वासन पर डेढ़ घंटे बाद जाम खोल दिया गया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव ज्यौता निवासी गोपाल सिंह उर्फ श्रवण कुमार की ससुराल थाना राजेपुर के गांव सलेमपुर में है। बुधवार की दोपहर गोपाल सिंह पत्नी अजीता सिंह और बेटी सिद्धि और बेटा विशेष के साथ अपनी ससुराल जा रहे थे।
मोहम्मदाबाद कसबे के पास सीतापुर डिपो की बस की टक्कर से अजीता (35) सड़क पर गिर गई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में न तो पति के चोटें आई और न ही बच्चों को चोट लगी। हादसे को देखकर चालक व परिचालक बस को छोड़कर भाग गए। इस बीच इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने इटावा बरेली हाईवे पर जाम लगा दिया।
इससे वाहनों की लंबी लंबी कतरे लग र्गइं। सूचना मिलने पर कोतवाल संजीव सिंह राठौर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया पर वे नहीं माने। ग्रामीणों ने अफसरों के आने के बाद ही जाम खोलने की बात कही। ग्रामीण मृतक के परिवार वालों पर मुआवजा दिलाए जाने की मांग कर रहे थे।
कोतवाल ने इसकी जानकारी आलाधिकारियों को दी। सूचना मिलने पर सीओ शरद शर्मा, जहानगंज एसओ नरेंद्र गौतम, कमालगंज एसओ रजनेश चौहान के अलावा एसडीएम सदर रमेशचंद्र यादव आ गए।
मुआवजा मिलने और बस चालक पर कार्रवाई को लेकर लोग आक्रोशित थे। एसडीएम ने जाम लगाए लोगों को आश्वसन दिया कि जो भी लाभ मिल सकेगा, उसे दिलाया जाएगा। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे डेढ़ घंटे बाद जाम खुल सका। पुलिस ने शव को वहां से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रिपोर्ट लिखाने के लिए मृतका के पति ने बस के अज्ञात चालक के खिलाफ तहरीर दी है।