कायमगंज। गांव मीरपुर में नर्सरी के खेत में टूटी पड़ी बिजली की एचटी लाइन की चपेट में आने से महिला की सोमवार भोर में मौत हो गई। हादसे से गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बरझाला उपकेंद्र का करीब दो घंटे घेराव कर धरना दिया। एसडीओ के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए।
नगर के मोहल्ला चिलांका निवासी आनंद कुमार की पत्नी रागिनी (26) इन दिनों अपने मायके गांव मीरपुर में रह रही थीं। करीब 15 दिन पहले ही उसने बच्ची को जन्म दिया था। सोमवार भोर में वह दयाराम की नर्सरी के खेत में शौच के लिए गई थी। इसी दौरान वहां टूटे पड़े एचटी लाइन की चपेट में आ गई। करंट लगने से वह बेहोश होकर गिर पड़ी।
उधर से गुजर रहे ग्रामीणों ने उसे पड़ा देखा और बिजली विभाग को सूचना दी। बरझाला फीडर की बिजली बंद कराने के बाद रागिनी को सीएचसी कायमगंज लाया गया। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। रागिनी के छह वर्षीय पुत्री अनोखी, चार वर्षीय पुत्र दादू और एक नवजात बच्ची है। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
मां लाली समेत अन्य परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। इस बीच दोपहर को ग्रामीण एकत्र होकर उपकेंद्र पहुंच गए। वहां हंगामा करने लगे। जेई पर लापरवाही का आरोप लगाया। साथी ही लाइन ठीक कराने की मांग की। नर्सरी संचालक दयाराम ने बताया कि रविवार शाम तार टूटने की सूचना जेई को दी गई थी, लेकिन तार की मरम्मत नहीं कराई गई। उनका कहना है कि समय रहते तार ठीक कर दिया जाता तो हादसा बच सकता था। घटना के बाद भी तार नहीं जोड़ा गया।
तहसीलदार अरविंद कुमार, एसडीओ दिनेश कुमार और प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला मौके पर पहुंचे। नगला गोदाम में टूटे पोल को ठीक कराने और नर्सरी से लाइन हटाने की मांग पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
एक्सईएन शिवशंकर ने बताया कि एसडीओ से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। हादसा टेस्टिंग के दौरान हुआ है। बारिश के कारण तीन दिन से आपूर्ति बंद थी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा।