भूमि पर कब्जा करने वालों पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो महिला ने डीएम कार्यालय के बाहर जहर खा लिया। डीएम ने अपने स्कार्ट में लगी कार से लोहिया अस्पताल भेजकर उसे भर्ती कराया। वहां उसने एक दरोगा पर समझौते के लिए धमकाने का आरोप लगाया है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव पुठरी निवासी रीता (35) के पति शैलेंद्र की मौत करीब 15 वर्ष पूर्व हो गई थी। अब वह कायमगंज में रहती है। उसने मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में परिवार के ही कुछ लोगों पर भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाकर शिकायत की थी। इसकी जांच नवाबगंज थाने के दरोगा भभूति प्रसाद को दी गई थी।
महिला का आरोप है कि दरोगा से वह जब मिलने थाने पहुंची तो उसने समझौते के लिए दबाव बनाया और रात आठ बजे थाने आने को कहा। इस पर वह बुधवार सुबह कलक्ट्रेट पहुंची। डीएम अपने कक्ष में बैठी लोगों की शिकायतें सुन रही थीं। तभी बाहर बेंच पर बैठी रीता ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई।
यह देख होमगार्ड व सिपाहियों ने उसे संभालते हुए जानकारी अन्य कर्मचारियों व डीएम को दी। डीएम ने तत्काल अपने स्कार्ट में लगी कार से उसे लोहिया अस्पताल भेज दिया। कुछ होश में आने पर महिला ने बताया कि वह कई बार पुलिस व अन्य अधिकारियों से भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग कर चुकी है।
सुनवाई नहीं हो रही है। सुबह से वह डीएम से शिकायत करने के इंतजार में बैठी थी। काफी देर तक नंबर न आने पर उसने उसने चूहा मार दवा खा ली। उसके एक बेटी आस्था(15)है। वह कक्षा आठ में पढ़ती है। तहसीलदार ने लोहिया अस्पताल पहुंचकर महिला के बयान दर्ज किए।
डीएम मोनिका रानी ने बताया कि महिला से जहरीले पदार्थ की एक खाली पुड़िया बरामद हुई थी। जहर खाने की आशंका पर उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी एसपी को दी है। थानाध्यक्ष को मौके पर बुलाकर जांच करने के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्ष डा. अनिल मिश्रा ने बताया कि महिला के जहर खाने की जानकारी मिली है। उसने जो आरोप लगाए हैं उनकी जांच कराई जा रही है। दरोगा भभूति प्रसाद ने बताया कि उन्हें मामले की जांच दी गई थी। वह भूमि कब्जाने के आरोपियों को पकड़कर थाने भी लाए थे।
महिला को बातचीत के लिए दोपहर तीन बजे थाने में बुलाया था। पर महिला ने थाने आने से इनकार कर दिया। इससे जिन लोगों को पकड़कर लाए थे उन्हें छोड़ दिया। रात आठ बजे बुलाने का आरोप गलत है।