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भ्रष्टाचार में संलिप्त फर्रुखाबाद डिपो के दो सहायक यातायात निरीक्षक निलंबित

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फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के महाप्रबंधक (एमडी) की ओर से गठित किए गए स्क्वायड ने 9 जनवरी की रात एटा डिपो की अनुबंधित बस में 36 यात्रियों को बिना टिकट पकड़ लिया था। इस मामले में दोषी पाए गए फर्रुखाबाद डिपो के दो सहायक यातायात निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।
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परिवहन निगम के एमडी द्वारा गठित किए गए बरेली-हरदोई क्षेत्र की स्क्वायड के प्रभारी ट्रैफिक सुपरिंटेंडेंट शेषनारायण सचान, टिकट इंस्पेक्टर आरबी लाल और राम लड़ैते ने 9 जनवरी की रात में एटा डिपो की अनुबंधित बस एटा से आते समय फैजबाद के पास चेक की थी। इस दौरान परिचालक योगेंद्र राठौर भाग गया था।
जांच टीम को बस में कुल 66 यात्री मिले थे। इनमें से 20 के पास अपठित टिकट पाए गए थे। 36 यात्री बिना टिकट मिले थे। इसके बाद बस को स्थानीय रोडवेज डिपो में खड़ा करवा दिया गया था। 10 जनवरी की सुबह एटा डिपो से परिचालक संदीप यादव को बुलाकर उसे रवाना किया गया था।
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टीम की रिपोर्ट पर एमडी के निर्देश पर क्षेत्रीय प्रबंधक एके झा ने इस मामले की गोपनीय जांच कराई। इलमें फर्रुखाबाद डिपो के सहायक यातायात निरीक्षक राजेश कुमार चतुर्वेदी और वेदप्रकाश को भ्रष्टाचार में दोषी पाया। क्षेत्रीय प्रबंधक एके झा ने 20 फरवरी को दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन का आदेश मंगलवार यहां आते ही डिपो के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
वर्ष 2018 में बिना पकड़े गए 29 यात्रियों के मामले में नहीं हुई कार्रवाई
एटा डिपो की बस संख्या यूपी 81एएफ -2724 को 16 जनवरी 2018 को ट्रैफिक सुपरिंटेंडेंट शेषनारायण सचान ने एटा जाते समय चेक किया था। बस में उन्होंने 29 यात्रियों को बिना टिकट पकड़ा था। इस मामले में दोषी अधिकारियों पर अभी भी जांच चल रही है।
जिम्मेदार अफसर भी कम दोषी नहीं
एटा रोड पर चलने वाली रोडवेज डिपो में यात्रियों को बिना टिकट ले जाने के मामले आए दिन सामने आते हैं। डिपो में चल रहे खेल में जिम्मेदार अफसर भी कम दोषी नहीं हैं। बावजूद इसके अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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