फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मार्ग पर सवारियां बैठाकर दौड़ता ईरिक्शा।
- फोटो : FARRUKHABAD
बिना मॉस्क, गमछा के बेधड़क घूमते हैं लोग, दुकानदार भी बेपरवाह
फर्रुखाबाद। अफसरों के अथक प्रयास का नतीजा है कि जिला ग्रीन जोन में है। जिलेवासियों को घरों से निकलने का मौका मिला। अब लोग जोश और खुशी में होश खोते दिख रहे हैं। बुधवार को तमाम लोग बिना मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के लिए आवागमन करते दिखे। यही हाल रहा तो फिर सख्ती होनी तय है।
बुधवार को बाजार खुलने का दूसरा दिन था। शहर में जो तस्वीरें दिखीं, वह बेहद चौंकाने वाली थीं। 42 दिन तक घरों में कैद रहने के बावजूद तमाम लोग बिना मास्क, गमछा के बाजारों में बेधड़क घूम रहे हैं। प्रशासन के सख्त निर्देश के बावजूद दुकानदार भी पैसे कमाने के लालच में अपने स्वास्थ्य को दांव पर लगा रहे हैं। तमाम दुकानदार बिना मास्क बैठते हैं और जो लगाए हैं, वह नीचे लटकाए रहते हैं।
प्रतिबंध के बावजूद शहर में ई-रिक्शा पर चालक समेत छह-छह सवारियां भरकर चलीं। यही हाल टेंपो का भी रहा। पुलिस भी बेपरवाह हो गई। चेकिंग के नाम पर खानापूरी ही की गई। दुकानों के बाहर जो गोले बनाए गए, उनकी दूरी एक मीटर के बजाय एक फीट ही रखी गई।
ऐसे में एक भी कोरोना पॉजिटिव केस निकलता है, तो इसकी जिम्मेदार आम जनता ही होगी। शासन-प्रशासन के दिशा-निर्देश और समझाने के बावजूद सामाजिक दूरी का जमकर मखौल उड़ाया जा रहा है।