माइनर मिनरल खनन के लिए पर्यावरणीय क्लीयरेंस जरूरी करने पर ईंट भट्ठाें के
बंद होने की नौबत बन गई है। सोमवार को ईंट निर्माता संघ ने प्रधानमंत्री
को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को देकर रियायत की मांग की है। उच्चतम
न्यायालय ने माइनर मिनरल खनन के लिए पर्यावरणीय क्लीयरेंस लेना जरूरी कर
दिया है। माइनर मिनरल में ईंट व साधारण मिट्टी भी
शामिल है। इससे ईंट
निर्माता मुश्किल में आने लगे हैं। इन्हें भट्ठों के बंद होने की आशंका सता
रही है। सोमवार को ईंट निर्माता संघ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री
को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट पीके जैन को दिया। कोषाध्यक्ष
नरायनप्रसाद अग्रवाल ने कहा कि मिट्टी खनन की कानूनी अड़चनाें से ईंट भट्ठा
मालिकाें को क ाम बंद करना पड़ जाएगा। भट्ठा मालिकाें
को मिट्टी खनन में
सहूलियत दी जाए। अध्यक्ष सुरेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि ईंट भट्ठा सीजनल
उद्योग है। सीजन में सीमित मिट्टी निकाल कर कच्ची ईंटाें की पथाई की जाती
है। इससे पर्यावरण को कोई भी हानि नहीं है। इस दौरान कृष्ण दत्त
द्विवेदी, रवी रस्तोगी, विनोद कटियार, महेंद्र सिंह कटियार, लक्ष्मन सिंह ,
पेशकार यादव, पप्पू यादव, राजेंद्र नाथ कटियार, दशरथ सिंह पाल, भाष्कर
दत्त द्विवेदी आदि मौजूद रहे।