थाना मेरापुर के गांव ढर्रा शादीनगर में शुक्रवार की रात आदमखोर जंगली जानवर के हमले के बाद हुई किशोर की मौत से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। वहीं पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कांबिंग की। वन विभाग की टीम ने मौके पर डेरा डाल दिया है।
थाना मेरापुर निवासी मूलचंद्र शाक्य ने बताया कि घर की दूसरी मंजिल पर जंगली जानवर दिखाई दिया। वहां उसका बेटा विकास (14) लेटा था। मूलचंद्र का दावा है कि जानवर ने उसके बेटे को मुंह में दबोचा और छलांग लगा दी।
गांववालों के शोर मचाने पर जंगली जानवर भाग गया, जबकि विकास वहीं पड़ा मिला। देर रात विकास को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां देर रात उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर पुलिस कप्तान सुभाष सिंह बघेल और जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु अमले के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की।
शनिवार को सुबह होते ही एसडीएम कायमगंज अजीत सिंह, सीओ कायमगंज, थानाध्यक्ष मेरापुर, डीएफओ देवेश कुमार तथा क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद घटनास्थल पर पहुंच गए। सभी अधिकारियों ने मेरापुर क्षेत्र के जंगलों में सघन तलाशी ली लेकिन कहीं कुछ सुराग नहीं मिला। वहीं, डीएफओ देवेश कुमार ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिंजड़ा लगा दिया जाए। वन विभाग के अधिकारियों ने उचित स्थान पर पिंजड़ा लगा दिया है पर वह पकड़ में नहीं आया।
डीएफओ देवेश का कहना है कि जंगली जानवर के मिले पंजों के निशान से लकड़बग्घा प्रथम दृष्टया प्रतीत हो रहा है। पिंजड़ा लगाकर उसे पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जंगल में कांबिंग कराई जा रही है और वन विभाग के दरोगा और सिपाहियों को बेहोश करने के लिए ट्रैंकुलाइजर उपलब्ध कराई है।
उप जिलाधिकारी कायमगंज अजीत सिंह का कहना है कि यह जंगली जानवर कई बार किसानों पर हमला कर चुका है। इसकी जांच बारीकी से की गई तो लकड़बग्घा की तरह इसके पंजे नजर आ रहे हैं। उनका दावा है कि इस आदमखोर अज्ञात खूंखार जंगली जानवर को अतिशीघ्र पकड़ लिया जाएगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विकास के मुंह और कनपटी पर जंगली जानवर के दांत पाए गए हैं। विकास के शव का पोस्टमार्टम डॉ. योगेंद्र मिश्र और डॉ. मनोज पांडेय के पैनल से किया गया। कनपटी में दांत लगे होने से इसकी पुष्टि होती है कि उसे किसी जंगली जानवर ने दबोचा लेकिन किशोर की मौत सिर में चोट लगने की वजह से हुई है। माना जाता है कि जानवर उसे लेकर कूदा और वह उसके मुंह से छूट गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आई हैं।