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Farrukhabad News: मुझे अपने साथ क्यों नहीं ले गए तुम लोग.....

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फर्रुखाबाद। धर्मयात्रा जाते वक्त हादसे में चार लोगों की मौत के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। गोविंद की पत्नी बदहवास है। वह कह रही कि मुझे क्यों नहीं अपने साथ ले गए तुम लोग। उसकी गोद में मात्र डेढ़ साल की बेटी है। बड़े भाई के तीन और छोटे भाई के दो बच्चों के भविष्य को लेकर हर किसी की आंखें नम हैं। अस्पताल के वार्डबॉय ने बड़े भाई अनिल को सूचना दी थी।
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दुर्घटना के बाद घायल मनोज के साले मोनू को छतरपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां इलाज के दौरान ड्यूटी वार्डबॉय ने उससे मोबाइल नंबर पूछा। मोनू ने बड़े भाई अनिल का नंबर बता दिया। अनिल के पास सबसे पहला फोन वार्डबॉय का आया। उसने हादसे की जानकारी दी, तो अनिल सन्न रह गए। हादसा बड़ा होने की वजह से इन्होंने परिजनों को बताया। इस पर चीख-पुकार मच गई। कुछ ही देर में गांव के तमाम लोगों की भीड़ जमा हो गई। गोविंद की पत्नी रचना, आठ साल का बेटा राघव और डेढ़ साल की बेटी देवकी है। पत्नी को जैसे ही हादसे की भनक लगी, तो वह दहाड़े मारकर बेहोश हो गई। वह रो-रो कर कह रही कि मुझे भी अपने साथ ले चलते, तो यह दिन देखने को नहीं मिलता। अब किसके सहारे जीवन कटेगा।
मनोज अपने भाई अनिल व भोले के साथ रेलवे क्रासिंग पर सैलून की दुकान चलाते हैं। गोविंद बेकरी का अच्छा कारीगर है। मनोज व भोलू उर्फ अवनीश गांव के बाहर मकान बनवाकर रह रहे हैं, जबकि गोविंद और अनिल पुराने मकान में ही रहते हैं। गोविंद भी गांव के बाहर मकान बनवाने की तैयारी में लगा था। सूचना पर नायब तहसीलदार सृजन कुमार, अनवर हुसैन राजस्व कर्मियों संग घर पहुंचे। परिजनों को सांत्वना दी। ग्रामीण दोनों भाइयों को बेहद अच्छा बताकर याद कर रहे हैं।
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