फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल की पुरुष इमरजेंसी में उस समय सभी हक्के बक्के रह गए, जब दो युवक एक कुत्ते का इलाज कराने को अड़ गए। उन्होंने डॉक्टर और अन्य स्टाफ से अपशब्द कहे। कहा कि क्या इसमें जान नहीं होती। यदि मर गया, तो कौन जिम्मेदार होगा। विवाद के दौरान गार्ड न होने पर इंटर्नशिप कर रहे युवकों ने बमुश्किल बाहर निकाला।
हुआ यूं कि रविवार रात करीब दो बजे एक युवक गोद में कुत्ता लिए अपने साथी के संग पुरुष इमरजेंसी पहुंचा। ड्यूटी पर तैनात टीबी एवं चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. ध्रुवराज सिंह ने पुरुष अस्पताल में कुत्ते का इलाज न होने की बात कही। इस पर युवक वीडियो बनाते हुए बहस करने लगे। कहा कि हराम का वेतन लेते हो। जैसे पुरुष का इलाज है, वैसे ही कुत्ते का करो। इसके भी तो जान होती है। इसका इलाज क्यों नहीं करोगे। काफी देर तक अन्य स्टाफ दोनों युवकों को समझाता रहा, मगर वह सुनने के लिए तैयार नहीं थे। एक युवक ने कहा कि यदि इसको कुछ हो गया, तो समझ लेना। बात खराब हो जाएगी। युवकों की अजीबोगरीब हरकत के दौरान इमरजेंसी में कोई भी गार्ड मौजूद नहीं था। इंटर्नशिप ड्यूटी करने वाले युवकों ने बमुश्किल दोनों को बाहर निकाला।