1 अप्रैल को सरकारी गेहूं खरीद शुरू होनी है। इसको लेकर गेहूं खरीद
केंद्रों पर अभी तैयारियां ही चल रही हैं। मुकम्मल तैयारी कोई नहीं है। कई
कें द्रों को न तो वारदाना मिला और न ही बजट। किसानों की सहूलियत के इंतजाम
भी नदारद हैं। इस बार शासन ने समर्थन मूल्य 1450 रुपये प्रति क्विंटल तय
किया है। खरीद से पहले अमर उजाला की पड़ताल में ऐसे नजारे ही सामने आए
हैं। पेश है गेहूं खरीद केंद्रों की पड़ताल करती रपट:-
कांटा-बांट लगाया, बजट मिला नहीं
शमसाबाद में
साधन सहकारी समिति, चिलसरा में गेहूं खरीद को लेकर तैयारियां तो चल रही
हैं। कांटा-बांट लगाया जा रहा है। खरीद केंद्र को अभी न तो बजट मिला है और न
ही वारदाना। सचिव अजय पाल सिंह ने बताया कि 1 अप्रैल से गेहूं तौला
जाएगा। उनके पास स्टाक और खरीद रजिस्टर नहीं है। वारदाना और बजट भी नहीं
आया है। बताया कि पिछले साल का कुछ वारदाना व बजट खाते में पड़ा हुआ है।
अगर कोई किसान गेहूं लेकर आता है तो उसे तौला जाएगा।
तैयारी चल रही, शाम तक आएगा वारदाना
मोहम्मदाबाद
कृषि उत्पादन मंडी परिसर में खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से गेहूं क्रय
केंद्र खोला जा रहा है। मंगलवार को गेहूं खरीद केंद्र पर तैयारियां चल रही
थीं। कांटाबांट लगाया जा रहा था। इसके साथ ही वारदाना व अन्य इंतजाम भी हो
रहे थे। सीनियर मार्केटिंग इंस्पेक्टर राजेश सिंह ने बताया कि वारदाना और
बजट शाम तक आ जाएगा। कांटाबांट इलेक्ट्रानिक लगाया गया है। शासन के रेट
1450 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा।
खरीद के नहीं मिले निर्देश
अमृतपुर में पीसीएफ किसान सेवा केंद्र अमृतपुर में गेहूं खरीद केंद्र की कोई तैयारी
नहीं थी। इंचार्ज हरिओम मिश्र आराम से कुर्सी पर बैठे हुए थे। पूछने पर
बताया कि अभी गेहूं खरीद के कोई निर्देश नहीं आए हैं। उनके पास वारदाना और
बजट भी नहीं है। साधन सहकारी समिति, अमृतपुर के सचिव बालमुकुंद पाठक ने
बताया कि गेहूं की अभी कटाई शुरू नहीं हुई है। वारदाना और बजट भी नहीं है।
बजट और वारदाना मिलने के बाद ही खरीद शुरू की जाएगी।
नहीं मिला वारदाना और पैसा
कायमगंज में
गेहूं खरीद के लिए केंद्र बना दिए गए हैं। इनको वारदाना, पैसा, स्टेशनरी,
बैनर उपलब्ध नहीं कराया गया है। किसान सहकारी सेवा समिति उत्तरी खरीद
केंद्र प्रभारी कुअरपाल यादव ने बताया कि अभी कटान शुरू नहीं हुआ है ।
इन्हें वारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया है। पैसा भी नहीं मिला है। स्टेशनरी
भी उपलब्ध नहीं दी गई है।
मंडी समिति परिसर में स्थित क्रय विक्रय समिति के
केंद्र प्रभारी वीरेंद्र सिंह और पीसीएफ के केंद्र प्रभारी रामऔतार यादव
तथा खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय पर बने केंद्र के प्र्रभारी जयकिशोर ने
भी पैसा और वारदाना न होने तथा स्टेशनरी बैनर उपलब्ध न कराए जाने की
जानकारी दी।
वर्जन
डिप्टी आरएमओ अनुराग पांडेय ने बताया कि
अभी फसल कट रही है। फिर भी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। दो तीन दिनों
में केंद्रों पर वारदाना और पैसा पहुंच जाएगा। खरीद में किसी तरह की
दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।