कायमगंज। मार्च में हुई बारिश और ओलावृष्टि का असर गेहूं की फसल पर पड़ा है। इसके चलते मंडी में गेहूं की आवक में करीब 25 फीसदी कमी दर्ज हुई है। इसका सीधा प्रभाव बाजार भाव पर पड़ा है और कीमतों में तेजी आई है।
करीब एक सप्ताह पहले गेहूं का भाव 2200 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अब 2450 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। व्यापारी प्रवीण कुमार ने बताया कि प्रतिकूल मौसम से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित हुए हैं। ओलावृष्टि से गेहूं की बालियां झड़ने से किसानों को भारी नुकसान हुआ। इससे मंडियों में अपेक्षित मात्रा में अनाज नहीं पहुंच पा रहा है। आवक कम होने और मांग बनी रहने के कारण दामों में उछाल आया है, जिससे आगे और बढ़ोतरी संभव है।
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं का समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल है। किसान औपचारिकताओं और देरी से बचने के लिए आढ़तियों को करीब 2400 रुपये प्रति क्विंटल पर बेच रहे हैं। किसान संजू ने प्रक्रिया में देरी के कारण आढ़तियों को गेहूं बेचा और रसूखदार किसानों को प्राथमिकता का आरोप लगाया। मंडी स्थित क्रय केंद्र पर अब तक 3820 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। केंद्र प्रभारी जितेंद्र सिंह ने खुले बाजार में अधिक दाम को आवक घटने का कारण बताते हुए नियमानुसार खरीद का दावा किया।