शमसाबाद के गांव समौचीपुर चितार में तरबूज की फसल में घुसा पानी।
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अमृतपुर/शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ने से कटरी क्षेत्र के खेतों में पानी भर गया है। इससे तरबूज, लौकी और तोरई की फसल डूब गई है। पांचाल घाट गंगा तट के घाट डूब गए। अमृतपुर क्षेत्र के गांव मंझा की मड़ैया जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हो गया है।
आवागमन को गांव के लोग नाव का सहारा ले रहे हैं। जब नाव नहीं होती तो पानी में घुस कर निकलते हैं। तीन गांवों में कटान शुरू हो गया है। गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ने से पांचाल घाट गंगा तट के घाटों पर पानी भर गया। इससे गंगापुत्रों की मड़ैयों में रखा सामान खराब हो गया। अमृतपुर के गांव मंझा की मड़ैया जाने वाले मार्ग पर पानी काफी भर गया है।
ग्रामीणों के पास एक नाव है। इसके सहारे आवागमन कर रहे हैं। नाव न होने पर गांव के लोग पानी में घुस कर आवागमन करते हैं। गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर और तीसराम की मडै़या के खेतों का कटान शुरू हो गया है। गंगा कटरी में जिन किसानों ने लौकी, तोरई, तरबूज व खरबूजा की फसल की थी उनके खेतों में पानी भर गया।
इससे फसल खराब होने से किसानों को नुकसान होना तय है। शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार गांव समैचीपुर चितार निवासी गुलशेर अनसार, मुनीश, चांदबाबू, राजा, भूरा, नहीम ने गंगा की कटरी में तरबूज, लौकी, खरबूजा और तोरई की फसल की थी। खेत में पानी भर गया है।