स्कूल में दाखिला न मिलने की जानकारी देते बच्चे।
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अमृतपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय राजेपुर की वार्डन से परेशान कक्षा 6 की चार छात्राओं ने स्कूल छोड़ दिया। छात्राएं अब माध्यमिक विद्यालय किराचन में एडमिशन पाने के लिए भी भटक रही हैं। वहीं इनके अभिभावकों ने वार्डन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
बा विद्यालय में रजनी पुत्री पन्नालाल, सोनी पुत्री रामनरेश, संध्या पुत्री लालाराम, शिवानी व किरन पुत्रीगण सुरेंद्र कक्षा 6 में पढ़ती हैं। इनकी शिकायत पर अभिभावकों ने 5 सितंबर को बच्चों को बॉ विद्यालय से निकाल लिया।
अभिभावकों का आरोप था कि वार्डन पेट भर बच्चों को भोजन नहीं देती थीं। इसके साथ ही उनसे काम करवाया जाता था। संध्या के पिता लालाराम ने बताया कि बच्चों से झाड़ू-पोंछा आदि कार्य कराए जाते थे। आटा में सूड़ी निकलने की जब बच्चों ने शिकायत की तो उन्हें डांटा और मुर्गा बना दिया गया।
एसडीएम अमृतपुर हरिराम यादव से शिकायत की तो जांच के आदेश तो हुए। लेकिन बीईओ शिवशंकर मौर्या ने सिर्फ वार्डन के ही बयान लिए और बच्चों के बयान लेना उचित नहीं समझा। मौजूदा समय में यह सभी छात्राएं पूर्व माध्यमिक विद्यालय किराचन में पढ़ने के लिए जा रही हैं।
लेकिन अभी तक इनका एडमिशन नहीं हुआ है। इस संबंध में इंचार्ज प्रधानाध्यापक ज्ञान सिंह ने बताया कि छात्राएं पढ़ने आ रही हैं। लेकिन उनका एडमिशन अफसरों से बातचीत के बाद ही किया जाएगा। उधर, बीईओ ने बताया कि उन्होंने वार्डन के बयान ले लिए हैं। वह छात्राओं के बयान लेने उनके घर नहीं जाएंगे। वार्डन संतोष पाठक ने बताया कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप गलत हैं।