फतेहगढ़ स्थित कुटरा कालोनी में रविवार भोर तीन आवासों की जर्जर दीवार गिर पड़ीं। गली की ओर दीवार गिरने के दौरान आवागमन न होने से बड़ा हादसा बच गया। पीडब्ल्यूडी की उपेक्षा के चलते कई ब्लाकों के आवास जर्जर हो गए हैं।
कुटरा कालोनी में करीब 140 आवास बने हैं। ये विभिन्न विभागों के क्लास-3 कर्मचारियों को आवंटित हैं। पीडब्ल्यूडी के पास कालोनी की देखरेख, मरम्मत व रंगाई-पुताई की जिम्मेदारी है। इसके लिए कर्मचारियों के वेतन से एचआरआर (हाउस रेंट रिकवरी) के 368 रुपये प्रतिमाह कटौती होती है।
बताया जा रहा कि करीब 15 वर्ष से कालोनी के आवासों की मरम्मत या रंगरोगन नहीं कराया गया। इससे कई आवास जर्जर हो चुके हैं। रविवार भोर करीब चार बजे ब्लाक नंबर 13 के आवास नंबर 49, 50 व 53 की पुलिस लाइन की ओर गली में पिछली दीवार भरभराकर गिर पड़ी। पुलिस लाइन रोड से कुटरा जाने वाली यह गली दिन में काफी व्यस्त रहती है।
भोर चार बजे घटना होने से सड़क सूनी थी। इससे बड़ा हादसा बच गया। वहीं आवास नंबर 49 में रह रहे जिला जज कार्यालय के प्रधान लिपिक डीपी सिंह के आवास की आधी दीवार कभी भी गिर सकती है। होमगार्ड विभाग की लिपिक सीमा चौरसिया के आवास नंबर 50 की पूरी दीवार गिरने से आवास असुरक्षित हो गया। वहीं नगरपालिका व नगर पंचायत लोकल फंड के आडीटर अमर बहादुर के आवास नंबर 53 की दीवार गिरने से परिवार असुरक्षित है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
कुटरा कालोनी की देखरेख कर रहे पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता मनोज कुमार ने बताया वह कुटरा कालोनी में आते-जाते रहते हैं। आवास जर्जर होने की किसी ने भी जानकारी नहीं दी। दीवार गिरने की भी सूचना मिलेगी तब देखा जाएगा। 15 वर्ष से मरम्मत होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि दो साल से उनकी तैनाती है। पिछले 15 साल का उनके पास ठेका नहीं है। जिसे दिक्कत होगी वह खुद ही लिखित सूचना देगा।