फर्रुखाबाद। बस संचालक विमल चतुर्वेदी ने शनिवार को एआरटीओ कार्यालय जाकर पीटीओ के साथ एक घंटे तक वार्ता करके बाद बसों को चलवाने की रणनीति बनाई है। कन्नौज हादसे के बाद विमल की कई बसों की फिटनेस भी खत्म हो चुकी है। उसकी छह बसों की लंबाई 12 मीटर से अधिक है। ऐसे में उनकी फिटनेस को कई दलाल भी सक्रिय हो गए हैं।
जिला कन्नौज की कोतवाली छिबरामऊ के गांव घिलोई में सामान्य से स्लीपर में तब्दील हुई बस व ट्रक में 10 जनवरी को भिड़ंत होने के बाद आग लग गई थी। हादसे में कई लोग जिंदा जल गए थे। उस घटना के बाद बस मालिक विमल भूमिगत हो गया था। हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद विमल ने अपनी बसों को फिर चलवाने की कवायद शुरू कर दी है।
शनिवार को विमल एआरटीओ कार्यालय में पहुंचा और बसों के संचालन के लिए पीटीओ वीके आनंद से मिलकर रणनीति तैयार की है। अभी विमल की बसें जिला एटा के थाना अलीगंज के बार्डर से दिल्ली व जयपुर के लिए चल रही हैं। फर्रुखाबाद से सवारियों को मिनी बस से अलीगंज तक ले जाया जाता है। बस में भेजा जाने वाला सामान लोडर से पहुंचाया जा रहा है।
ऐसे में एक मिनी बस व लोडर में प्रतिदिन आठ हजार रुपये का खर्चा आ रहा है। विमल ने इन बिंदुओं पर पीटीओ से वार्ता की। उसकी कई बसों की फिटनेस भी खत्म हो गई है। वहीं छह बसों की लंबाई 12 मीटर से अधिक है। उनकी फिटनेस करने से आरआई जीवन कुमार ने पहले ही मना कर दिया था।
विमल के आफिस पहुंचते ही कई दलाल भी सक्रिय हो गए जो पहले भी उसकी बसों की पत्रावलियां पूर्ण करवाते थे। पीटीओ वीके आनंद ने बताया कि बस मालिक विमल आए थे। आरआई के न होने से कुछ देर बाद चले गए।