फर्रुखाबाद। परियोजना निदेशक (पीडी) कार्यालय का घेराव कर ग्रामीणों ने वाहिदपुर में टोल प्लाजा बनाए जाने का विरोध किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे के अधिकारी गैर आबादी क्षेत्र दिखाकर टोल प्लाजा का निर्माण कराने की तैयारी कर रहे है, जबकि वहां दुकानें, स्कूल व मकान बने हुए है। इस मामले में डीएम को भी प्रार्थना पत्र दिया है।
इटावा-बरेली हाईवे पर मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव वाहिदपुर में टोल प्लाजा निर्माण के लिए भूमि चिह्नित की गई है।
इसकी जानकारी पर गुरुवार को गांव वाहिदपुर के 50 से अधिक लोग फतेहगढ़ के बरगदियाघाट स्थित एनएचएआई के परियोजना निदेशक कार्यालय के बाहर पहुंचे।
वहां मुख्य गेट बंद था। ग्रामीणों ने गेट खोलने के लिए कर्मचारी से कहा, लेकिन गेट नहीं खोला गया। इससे ग्रामीण नारेबाजी कर हंगामा करने लगे। इस पर गेट खोल दिया गया।
अंदर पहुंचने पर परियोजना निदेशक ने ग्रामीणों से मिलने से इन्कार कर दिया, कहा कि अभी बैठक चल रही है। इस पर ग्रामीण उग्र हो गए और नारेबाजी के साथ अभद्र भाषा इस्तेमाल करने लगे।
कर्मचारियों ने पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने पहुंचकर ग्रामीणों को शांत किया। जेई अनूप कुमार ग्रामीणों से बात करने पहुंचे।
ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि वाहिदपुर को गैर आबादी क्षेत्र बताकर टोल प्लाजा का निर्माण कराया जाने की तैयारी है। प्लाजा बनने से गांव के लोगों का रोजगार छिन जाएगा।
गांव के लोग पलायन करने को मजबूर होंगे। टोल प्लाजा का निर्माण वाहिदपुर से एक किलोमीटर दूर कराया जाए। वहां आबादी नहीं है।
इसके बाद परियोजना निदेशक ने तीन ग्रामीणों को कार्यालय बुलाकर उनका ज्ञापन लिया और ग्रामीण वापस चले गए। इससे पहले डीएम को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
इस दौरान जनार्दन सिंह कुशवाह, शम्भू सिंह, दयाराम, रामसनेही, सरमन, सुल्तान सिंह, अभिषेक कुमार आदि लोग मौजूद रहे।
उच्च अधिकरियों को कराएंगे अवगत- पीडी
परियोजना निदेशक शिवम कुमार ने बताया कि दिल्ली के अधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता व भ्रमण करके वाहिदपुर में टोल प्लाजा का स्थान चिह्नित किया है। वह मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे, जैसा आदेश मिलेगा, उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।