गंदे पानी में खडे़ होकर विरोध प्रदर्शन करते ग्रामीण व बच्चे।
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गंदगी के विरोध में पपड़ी गांव के ग्रामीणों ने रविवार को पोलियो अभियान का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गंदगी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए कोई काम नहीं किया जा रहा है। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार के समझाने पर भी ग्रामीण नहीं माने।
सर्वेश कुमार, दिनेशचंद्र, सरवन, राहुल, रिंकू, कल्लू, अरविंद, अवनीश, आलोक, रविकांत व शशि आदि ग्रामीणों ने बताया कि पूरे गांव में गंदगी व्याप्त है, नालियां बजबजा रही हैं, नाला भी गंदगी से चोक हो गया है और उसका पानी सड़काें पर बह रहा है। इससे डायरिया आदि संक्रामक रोग फैल रहे हैं।
सफाई कराने की मांग के बावजूद कोई नहीं सुन रहा है। एक बीमारी से बचाव के लिए अभियान चला रहे हैं और दूसरी बीमारियों के रोकथाम के बारे में कोई सोच नहीं रहा है। इसी के चलते उन्होंने पोलियो अभियान का बहिष्कार किया है। पोलियो टीम ने काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। इस पर पोलियो टीम ने बहिष्कार की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार विनोद जोशी ने ग्रामीणों को समझाया लेकिन वह अपनी जिद पर अड़े रहे।
ग्रामीणों ने कहा कि जब तक गांव की सफाई नहीं होगी, तब तक वह अपने बच्चों को पोलियो खुराक नहीं पिलवाएंगे। प्रधान नजमा बेगम का कहना है कि पिछले तीन महीने से सफाईकर्मी की नियुक्ति नहीं हुई है। इस कारण गांव की सफाई नहीं हो पा रही है। इसकी सूचना वह जिलाधिकारी को दे चुकी हैं।