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अधिकारियों की अनदेखी के चलते लोहिया गांव गंगाइच बदहाली की कगार पर है। दो साल पहले खिंची बिजली की लाइनें, आधी अधूरी पड़ी है। वहीं लोहिया और इंदिरा आवास के लाभार्थियों को अभी तक पूरा पैसा मुहैया नहीं हो पा रहा है।
विकास खंड का गांव गंगाइच सपा विधायक की सिफारिश पर लोहिया गांव घोषित किया गया था। गंगाइच निवासी रूबी पत्नी आसिक अली, अकीला बेगम पत्नी बकरूददीन को शासन की तरफ से लोहिया आवास मुहैया कराए गए। डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए एक धेला भी नहीं मिला है।
वहीं गांव के अफरोज बेगम पत्नी हफीजुल्ला, नबैसा पत्नी टिल्लन, अफजमा बेगम पत्नी वाहिद अहमद, नूरी पत्नी अब्बास का कहना है कि आवास बनाने के लिए पहली किस्त मिल गई थी। डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी दूसरी किस्त नही मिली है। निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। वहीं बिजली विभाग ने गांव में पोल खिंचवाए, ट्रांसफार्मर लगवाए और लाइन खिंचवा दी।
दो वर्ष बीत जाने के बाद भी खिंची हुई लाइन पेड़ो पर लटक रही है।खंड विकास अधिकारी शिवप्रकाश ने बताया कि लोहिया आवास और इंदिरा आवास के लाभार्थियों की किस्तें बैंक में भेज दी गई हैं। यदि किसी की किस्तें नहीं आई है तो इसका मतलब उसका चयन ही नही हुआ है।
बिजली विभाग के जेई विजय पाल यादव ने बताया कि जहां केबल पेड़ पर लटकी हैं। वहां कोई बस्ती नही है। ग्राम प्रधान शकील खां के घर के पास लगा ट्रांसफार्मर जल गया था। इसका इस्टीमेट बनाकर भेज दिया गया है। जल्द ही व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।