अमृतपुर। रामगंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु (136.60 मीटर) से पार होकर 10 सेमी ऊपर 136.70 मीटर पर पहुंच गया है। इससे रामगंगा के किनारे बसे आधा दर्जन गांव के पास पानी पहुंच गया है। वहीं, गंगा के जलस्तर में 50 सेमी की कमी आई है।
नरौरा बांध से गंगा में कम पानी छोड़े जाने से जलस्तर में काफी गिरावट आई है। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 50 सेमी कम होने से 135.95 से घटकर 135.45 मीटर पर आ गया है। नरौरा बांध से 33320 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर कम होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। रामगंगा का जलस्तर 136.20 मीटर से 50 सेमी बढ़कर 136.70 मीटर पर पहुंच गया है। जो चेतवानी बिंदु 136.60 मीटर से 10 सेमी ऊपर है।
खो, हरेली रामनगर बैराज से 4937 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव कोलासोता, बेचेपट्टी, हीरानगर, गुड़ेरा, भावन, गुलरिया, खाखिन, बजीरपुर, महोलिया, खरगपुर, राई आदि गांव के पास पानी पहुंच गया है। खेतों में पानी भरने से ग्रामीणों को जानवरों के लिए चारे की समस्या हो गई है। पानी में घुसकर चारा लाना पड़ रहा है।
तैराक पीएसी तैनात
गंगा व रामगंगा में पानी आने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इसके चलते एसडीएम अतुल कुमार सिंह ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर तैराक पीएसी की मांग की थी। इस पर कानपुर से 37 बटालियन तैराक पीएसी एक पैंटून ने तहसील में डेरा डाल दिया है। सूबेदार वीरेंद्र सिंह ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में फंसे लोगों को बचाने का काम किया किया जाएगा।