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Farrukhabad News: शहर के टैरिफ पर निकाले जा रहे गांव के बिजली बिल

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फर्रुखाबाद। बिजली बिल में ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को करोड़ों की चपत लग रही है। उन्हें गांव के फीडर से बिजली मिल रही है, जबकि शहरी टैरिफ पर बिल निकाला जा रहा है। डेढ़ गुने से भी अधिक धनराशि का बिल देख ग्रामीण परेशान हैं। बढ़ा हुआ बिल उपभोक्ताओं को वापस किया जाएगा, यह कोई अधिकारी बताने को तैयार नहीं है। साफ्टवेयर की कमी बताकर सभी पल्ल झाड़ रहे हैं।
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शासन से उपभोक्ताओं को सही बिल देकर उनकी समस्याएं निस्तारित करने के आदेश हैं। इसके लिए बिजली विभाग उपभोक्ता के द्वार अभियान चलाया जा रहा है। दूसरी ओर ग्रामीण उपभोक्ताओं से खुलेआम शहरी बिल वसूलकर करोड़ों की चपत लगाई जा रही है। जनपद के तीनों खंडों में करीब दो लाख 83 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें 70 हजार शहरी उपभोक्ताओं को छोड़ दें, तो शेष दो लाख 13 हजार ग्रामीण उपभोक्ता हैं।
शहर के घरेलू उपभोक्ताओं से 150 यूनिट खपत तक 5.50 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल और 110 रुपये प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज लिया जाता है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए 3.35 रुपये प्रति यूनिट बिल व 90 रुपये फिक्स चार्ज निर्धारित है। ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता अधिक बिल देखकर शिकायत करने पहुंच रहे हैं, उनकी सुनवाई भी नहीं हो रही। हकीकत यह है कि शहरी टैरिफ से ग्रामीण उपभोक्ताओं के बिल निकलने से उन पर डेढ़ गुना बोझ बढ़ रहा है।
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करीब 40 हजार उपभोक्ता प्रभावित
ग्रामीण क्षेत्र में करीब डेढ़ लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ता हैं। बताया जा रहा है कि करीब 20 से 30 प्रतिशत उपभोक्ताओं को शहरी टैरिफ का बिल थमाया जा रहा है। इससे औसतन 40 हजार उपभोक्ता शहरी बिल के बोझ से दबे हैं। यदि एक उपभोक्ता का ग्रामीण टैरिफ पर औसतन 500 रुपये प्रति माह बिल मान लिया जाए तो शहरी टैरिफ पर यह बिल 750 रुपये से अधिक बनेगा। प्रत्येक बिल पर 250 रुपये अधिक के हिसाब से यह धनराशि एक करोड़ रुपये बन रही है। यही हाल कामर्शियल बिलों का भी है। इससे घरेलू व कामर्शियल उपभोक्ताओं को बिजली बिल में करोड़ों की चपत लग रही है।


इनकी भी सुने
अधिशासी अभियंता ग्रामीण सुरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि निगम में बिलिंग एजेंसी का डाटा ट्रांसफर करने में कुछ गड़बड़ी होने की जानकारी मिली है। इससे 15 से 20 प्रतिशत उपभोक्ता शहरी टैरिफ से जुड़ गए हैं। साफ्टवेयर अपडेट करने का काम चल रहा है। इसके बाद सभी उपभोक्ताओं को बिल सही मिलेंगे। यह निगम स्तर का मामला है। इससे कई जिलों में यह समस्या आ रही है।


कुछ भी बताने से कतराए मुख्य अभियंता
मुख्य अभियंता असलम हुसैन से इस संबंध में पूछने पर वह कतराते रहे। उन्होंने कहा कि वह अधीक्षण अभियंता से इस संबंध में जानकारी करेंगे। फिलहाल उपभोक्ताओं से शहरी टैरिफ का बिल वसूलने के बाद विभाग बढ़ी हुई धनराशि समायोजित करेगा या नहीं, इस पर वह चुप्पी साध गए।
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