फर्रुखाबाद। तालाब की जमीन को पाटकर प्लाट के लिए रास्ता बनाने की शिकायत पर प्रशासन ने बुलडोजर चलवा दिया। सरकारी जमीन पर सात-सात फीट गहरा गड्ढा कर तालाब का पानी खोलकर भर दिया गया। कार्रवाई के दौरान एसडीएम सदर, तहसीलदार, राजस्व कर्मी और भारी संख्या में पुलिस पर मुस्तैद रहा।
कादरीगेट थाने के भोपतपट्टी स्थित उपकेंद्र के सामने गुरुवार सुबह सात बजे कुछ राजस्व और नगर पालिका कर्मी बुलडोजर लेकर पहुंचे। कुछ ही देर में एसडीएम गजराज सिंह, तहसीलदार श्रद्धा पांडेय और भारी संख्या में थाना पुलिस पहुंच गई। अधिकारियों के निर्देश पर गाटा संख्या 204 की भूमि पर मिट्टी डालकर बनाए गए रास्ते से अतिक्रमण हटाना शुरू किया।
पुलिस ने किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को आसपास नहीं आने दिया। सुबह करीब 10 बजे तक अधिकारी अपनी देखरेख में कार्रवाई करवाते रहे। राजस्व कर्मियों ने दोनों बुलडोजर से तालाब की भूमि पर करीब सात-सात फीट गहरा गड्ढा करवा दिया। तालाब में पानी भी छोड़ दिया गया। तालाब की जमीन कब्जा मुक्त होने के बाद जमीन खरीदकर मिट्टी भराव के बाद प्लाटिंग योजना पर फिलहाल पानी फिर गया है।
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राजस्व निरीक्षक की आख्या पर एसडीएम ने पाटने के दिए थे आदेश
तालाब की जिस जमीन को खाली कराया गया, उसपर पिछले साल भी बुलडोजर चला था। बडे़ भू-भाग पर प्लाटिंग करने की मंशा पर पानी फिरता देख जमीन खरीद-फरोख्त करने वालों ने क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक से साठगांठ कर 18 जुलाई 2023 तालाब की गाटा संख्या 204 को रास्ता की आख्या लगा दी। इसी आधार पर एसडीएम सदर ने प्लाटिंग करने वालों को मिट्टी भराव की अनुमति दे दी। इसकी जानकारी होने पर भोपतपट्टी के सत्यनारायण ने मुख्यमंत्री से लेकर एसपी तक के सभी अधिकारियों से शिकायत की। कहा कि अभिलेखों में यह गाटा संख्या तालाब में दर्ज है। कुछ लोग भूमाफियाओं से तालाब की जमीन पर कब्जा करवा रहे हैं। सत्यनारायण ने 24 दिसंबर 2020 के सिविल जज सीनियर डिवीजन और एसडीएम की अदालत में पूर्व में हुए वादों के निस्तारण की प्रति भी लगाई। 15 सितंबर 2023 को एसडीएम ने मिट्टी भराव करने के आदेश को पलट दिया। भूखंड को तालाब के रूप में परिवर्तित करने के आदेश दिए।
शिकायतकर्ता को जानमाल का खतरा
शिकायतकर्ता भोपतपट्टी श्यामनगर के सत्यनारायण राजपूत ने कई अधिकारियों को पत्र भेजकर अपनी जानमाल का खतरा बताया है। कहा कि कुछ लोग तालाब की जमीन में रास्ता बनाकर बड़े भूभाग पर प्लाटिंग और निजी बसों का स्टैंड बनाने की फिराक में हैं। अवैध धंधे की शिकायत करने पर वह कई बार हमला कर चुके हैं। पहले भी फायरिंग आदि की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने अपने जानमाल पर खतरे की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने इसमें कई लोगों के नाम भी खोले हैं।