फर्रुखाबाद। पुलिस ऑफिस के वरिष्ठ लेखाकार (उप निरीक्षक लेखा) हरेंद्र चौहान को शुक्रवार सुबह उनके कार्यालय में ही हेड कांस्टेबल से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते विजिलेंस टीम ने दबोच लिया।
विजिलेंस टीम वरिष्ठ लेखाकार को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस लेकर पहुंची। वहां उनसे पूछताछ करने के बाद कमरा बंद कर करीब पौने दो घंटे तक कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद टीम वरिष्ठ लेखाकार को लेकर कानपुर चली गई। एसपी आरती सिंह ने बताया कि वरिष्ठ लेखाकार को निलंबित कर दिया है। मामले की विभागीय जांच एएसपी करेंगे।
फतेहगढ़ स्थित पुलिस ऑफिस के प्रधान लिपिक कार्यालय में तैनात हेड कांस्टेबल (मुंशी) आदित्य पटेल के यात्रा भत्ता (टीए) के करीब 1.45 लाख रुपये बकाया हैं। इसके भुगतान के लिए वह पुलिस ऑफिस परिसर स्थित वरिष्ठ लेखाकार जनपद बुलंदशहर के खुर्जा क्षेत्र के गांव अरनिया निवासी हरेंद्र चौहान के कार्यालय के चार माह से चक्कर लगा रहे थे।
इसके भुगतान के लिए वरिष्ठ लेखाकार ने उनसे 20 प्रतिशत रिश्वत मांगी थी। कहा कि 15 हजार रुपये पहले और बाकी 15 हजार रुपये भुगतान होने के बाद देने होंगे। वह रुपये देने को तैयार नहीं थे। इससे परेशान होकर आदित्य ने कानपुर स्थित विजिलेंस कार्यालय में मामले की शिकायत की।
इसके बाद वरिष्ठ लेखाकार को रंगे हाथ पकड़वाने के लिए विजिलेंस इंस्पेक्टर राजन कुमार रावत के नेतृत्व में टीम गठित की गई। शुक्रवार सुबह विजिलेंस टीम पुलिस ऑफिस पहुंच गई। वहां आदित्य ने वरिष्ठ लेखाकार हरेंद्र चौहान को कार्यालय के बाहर बरामदे में बुलाकर रिश्वत के 15 हजार रुपये रजिस्टर में रखकर पकड़ा दिए। हरेंद्र ने रजिस्टर से रुपये निकालकर कर जेब में रखे तभी विजिलेंस टीम ने वरिष्ठ लेखाकार को दबोच कर अपनी कार में बैठा लिया।
टीम वहां से जेएनवी रोड स्थित लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस पहुंची। वहां टीम ने बंद कमरे में वरिष्ठ लेखाकार से कुछ देर बात की। साथ ही सरकारी गवाह बने डीएम कार्यालय के लिपिक अजीज बाबू व मत्स्य निरीक्षक नारद राणा के बयान दर्ज किए।
कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद टीम हरेंद्र चौहान को अपने साथ लेकर कानपुर चली गई। इस बीच कोतवाली पुलिस भी वहां पहुंची पर कुछ देर रुकने बाद चली गई। बताया गया कि हरेंद्र चौहान का परिवार मेरठ में रहता है। विजिलेंस इंस्पेक्टर राजन रावत ने प्रेस नोट जारी कर मामले की जानकारी दी है।