फर्रुखाबाद। पॉवर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन एम देवराज के उत्पीड़न के विरोध में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ ने असहयोग आंदोलन शुरू कर दिया है। इसके तहत मंगलवार को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक और मुख्य अभियंता कानपुर की होने वाली वीडियो कांफ्रेंस का जिला स्तरीय अधिकारियों ने विरोध कर दिया। अफसरों के शामिल न होने से दोनों वीडियो कांफ्रेंसिंग स्थगित कर दी गईं।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के कानपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव एसडीओ जितेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से प्रदेश में करीब 250 कर्मियों की मौत हो गई है। इनको 50-50 लाख रुपये व परिवार के सदस्य को नौकरी देने की मांग संगठन ने चेयरमैन से की थी। इसके साथ ही बिजली कर्मियों को फ्रंट लाइन वकर्स घोषित करने की लगातार मांग की गई। इसके बावजूद चेयरमैन ने सरकार को पत्र नहीं लिखा। संगठन के प्रदेश सचिव का स्थानांतरण कर दिया।
शासन के आदेश पर कोरोना संक्रमण देखकर तीन में से एक कैश काउंटर खुलवाया जा रहा था। लेकिन चेयरमैन ने सभी काउंटरों को खुलवाने का दबाव बनाया। इसको लेकर संगठन ने चेयरमैन का असहयोग आंदोलन शुरू किया है। मंगलवार को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक और मुख्य अभियंता कानुपर की वीडियो कांफ्रेंसिंग थी। इसमें अभियंता संघ का कोई भी सदस्य शामिल नहीं हुआ है। जिस कारण प्रबंध निदेशक और मुख्य अभियंता को अपनी वीडियो कांफ्रेंसिंग स्थगित करनी पड़ गई। जब तक चेयरमैन कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद नहीं करेंगे, तब तक असहयोग आंदोलन जारी रहेगा।