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Farrukhabad News: रोक के बाद भी चित्रकूट डिप पर पानी से गुजरते रहे वाहन

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फोटो- 17 फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चित्रकूट डिप पर भरे गंगा के पानी से गुजरती रोडवेज बस। संवाद
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फर्रुखाबाद/अमृतपुर। पानी भरने के कारण फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर रोक के बाद भी बुधवार को वाहन गुजरते रहे। जबकि चार स्थानों पर बैरिकेड लगाने के साथ सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। गंगा का जलस्तर तीसरे दिन भी 136.95 मीटर पर स्थिर रहा। नरौरा बांध से 1,11969 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। चेतावनी बिंदु 136.60 व खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है।
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गंगा में आई बाढ़ के चलते सोमवार रात से गांव चित्रकूट के पास डिप पर तेज गति से पानी बहना शुरू हो गया था। मंगलवार शाम को एसडीएम अमृतपुर के आदेश पर पुलिस ने फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी। फर्रुखाबाद की ओर से जाने वाले वाहनों को रोकने के लिए जमापुर मोड़ पर बैरीकेड लगवाए थे।
उधर, बदायूं की ओर से आने वाले वाहनों को रोकने के लिए राजेपुर में बैरिकेड लगाए गए थे। इसके लिए डिप के दोनों ओर भी बैरिकेडिंग किए जाने के साथ सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए गए थे। लेकिन बुधवार सुबह तक यह व्यवस्था ध्वस्त हो गई। यहां रोक के बाद भी बाइक, कारें व रोडवेज बसों सहित अन्य वाहन गुजरते रहे। शहर से भी लोग बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुंचते रहे।
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चित्रकूट, अंबरपुर, उदयपुर, बमियारी, कुड़री सांरगपुर, करपुर घाट, मंझा में पानी भरा है। इसके चलते लोग चित्रकूट के रामनिवास महाविद्यालय में बनाए शरणालय में पहुंच रहे हैं। वहां करीब 60 लोगों ने शरण ली है। उधर, शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर गांव गुटैटी दक्षिण के पास एक फीट पानी बह रहा है। वहां भी लोग जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। पुलिस ने इसी मार्ग पर ग्राम जैतपुर के पास खतरे के संकेत का बोर्ड लगाया है। साथ ही आवागमन करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दी जा रही है।
राजेपुर थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने बताया कि पानी का बहाव कुछ कम है। स्थानीय लोग निकल रहे हैं। लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए सख्ती नहीं की जा रही है। पानी बढ़ने पर सख्ती से आदेश का पालन कराया जाएगा।

ग्रामीण पॉलीथिन तानकर रहने को मजबूर
शमसाबाद। ढाई घाट की गंगा कटरी क्षेत्र में 20 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई गांव के रास्ते बंद हो गए हैं। शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर ढाई घाट पुल के उस पार सड़क पर गांव समैचीपुर चितान के 10 से अधिक परिवार पॉलीथिन तानकर जीवन यापन कर रहे। लेखपाल ने उनसे बाढ़ शरणालय में जाने को कहा पर उन्होंने जाने से मना कर दिया।(संवाद)

बाढ़ से 4,855 परिवार प्रभावित
फर्रुखाबाद। बाढ़ से 50 से अधिक गांव प्रभावित हैं। 40 विद्यालय बंद किए जा चुके हैं। सतर्कता के चलते 111 गांवों की बिजली काट दी गई है। प्रशासन का दावा है कि तहसील सदर के 9, तहसील कायमगंज के 12 तथा तहसील अमृतपुर के 12 गांव ही प्रभावित हैं। इस प्रकार कुल 33 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन प्रभावित गांवों में कुल 23,367 की आबादी तथा 4,855 परिवार शामिल हैं।
पीड़ितों को पहुंचाई जा रही मदद :
प्रशासन के अनुसार मंडी समिति रामसवाईद एवं रहमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में संचालित शरणालयों में अब तक 240 लोगों को ठहराया गया है। उनके भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तहसील सदर, कायमगंज एवं अमृतपुर के प्रभावित क्षेत्रों में कुल 50 नावें एवं 5 मोटरबोट तैनात की गई हैं। साथ ही एक टीम एनडीआरएफ तथा एक कंपनी पीएसी फ्लड यूनिट आवश्यक उपकरणों सहित तैनात है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 35 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। अब तक 536 लोगों का उपचार किया जा चुका है। 11 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में अब तक 79 पशुओं का उपचार तथा 3,804 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।

फोटो- 17 फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चित्रकूट डिप पर भरे गंगा के पानी से गुजरती रोडवेज बस। संवाद

फोटो- 17 फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चित्रकूट डिप पर भरे गंगा के पानी से गुजरती रोडवेज बस। संवाद

फोटो- 17 फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चित्रकूट डिप पर भरे गंगा के पानी से गुजरती रोडवेज बस। संवाद

फोटो- 17 फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चित्रकूट डिप पर भरे गंगा के पानी से गुजरती रोडवेज बस। संवाद

फोटो- 17 फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चित्रकूट डिप पर भरे गंगा के पानी से गुजरती रोडवेज बस। संवाद

फोटो- 17 फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चित्रकूट डिप पर भरे गंगा के पानी से गुजरती रोडवेज बस। संवाद

फोटो- 17 फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चित्रकूट डिप पर भरे गंगा के पानी से गुजरती रोडवेज बस। संवाद

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