फर्रुखाबाद। एक साल पुराने वाहन के लिए पॉल्यूशन सर्टिफिकेट जरूरी है। इस फरमान का जिले में असर नहीं है। सालों पुराने वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यह प्रदूषण के सबसे बड़े वाहक हैं। जिले में माह में औसतन 150 वाहन चालक ही पॉल्यूशन सर्टिफिकेट लेते हैं।
जिले में छोटे बड़े करीब 1 लाख 31 हजार 832 वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से 80 फीसदी से ज्यादा एक साल पुराने हैं। 17 फीसदी से ज्यादा के पास पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं है। माह में करीब 150 वाहन चालक ही इस सर्टिफिकेट के लिए जांच कराते हैं। एआरटीओ और यातायात पुलिस भी इस सर्टिफिकेट को नहीं देखती है। इससे सालों पुराने वाहन प्रदूषण बढ़ा रहे हैं।
इस बाबत एआरटीओ देवमणि भारती कहते हैं कि समय समय पर जांच की जाती है। आने जाने के लिए वाहन नहीं है। इससे दिक्कत होती है। पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के बिना चल रहे वाहनों पर कार्रवाई केे बारे में वह भी नहीं बता पाए।