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वीसीबी में ब्लास्ट, बिजली ठप

Mon, 04 May 2015 11:24 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
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कायमगंज के रूटौल उपकेंद्र पर लगाई गई द्वितीय फीडर की वीसीबी में तारों की लूजिंग से हुए ब्लास्ट से इंसुलेटर फट गया। इससे द्वितीय के साथ-साथ प्रथम फीडर की सप्लाई भी बाधित हो गई। फलस्वरूप उपभोक्ताओं को 24 घंटे में मात्र 3-4 घंटे ही बिजली मिली। इससे लोग गर्मी से बेहाल तो रहे ही, साथ ही पीने के पानी की समस्या बनी रही। वीसीबी की मरम्मत के लिए फतेहगढ़ से मिस्त्री को बुलाया गया है।  
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रूटौल उपकेंद्र पर एक माह पहले द्वितीय फीडर पर लाखों रुपये की वीसीबी लगवाई गई थी।  माना जा रहा था कि अब लोगों को आएदिन आने वाली गड़बड़ी से निजात मिल जाएगी। एक महीने के अंदर ही वीसीबी में रविवार दोपहर 1.30 बजे तेज धमाके के साथ आग लग गई। इससे द्वितीय फीडर की सप्लाई बाधित हो गई। नई तकनीक की मशीनों के कारण यहां

काम करने वाले संविदा कर्मियों के साथ-साथ जेई गजेंद्र की भी हिम्मत भी इन्हें  खुलवाने की नहीं पड़ी। उन्होंने इसकी
सूचना ठेकेदार को दी। देर रात सप्लाई आने पर प्रथम फीडर से द्वितीय  को जोड़कर दो घंटे बिजली दिलाई। इसके बाद रात 11.45 से प्रथम फीडर को बिजली दी गई।  सुबह फतेहगढ़ से आए मिस्त्री राजेश ने वीसीबी की मरम्मत का काम शुरू
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किया। उसने बताया कि मशीन में तार लूजिंग के कारण ब्लास्ट होने से उसके इंसुलेटर फट गए हैं। इसे सही किया जा रहा है। उन्होंने शाम तक मशीन के सही होने की संभावना जताई। जेई गजेंद्र ने बताया कि मशीन सही होने तक दोनों फीडरों को बारी-बारी से बिजली दी जाएगी। बिजली न आने से लोग पानी की समस्या से परेशान रहे।

कंपिल से जोड़कर प्रथम फीडर को बिजली
रेलवे लाइन के नीचे खराब हुई नगर के प्रथम फीडर की केबिल को बदलने की अनुमति रेलवे से अब तक नहीं मिल पाई है। इस कारण तीन महीने से प्रथम फीडर को कंपिल केबिल से जोड़कर चलाया जा रहा है। गर्मी के मौसम में के बिल फुंकी तो कंपिल और प्रथम फीडर के उपभोक्ताओं को बिजली समस्या झेलनी पड़ सकती है। एसडीओ ने बताया कि वह कई बार उच्चाधिकारियों को बता चुके हैं। अभी तक रेल विभाग से अनुमति नहीं मिल सकी है।  केबिल का इस्टीमेट पास हो चुका

है। तीन महीने पहले नगर के प्रथम फीडर की केबिल फुंक गई थी। तब कंपिल फीडर की केबिल से प्रथम फीडर को जोड़कर सप्लाई चालू कराई गई थी। यह केबिल रेलवे लाइन को क्रास कर निकाली जाती है। इसलिए इसमें रेलवे लाइन के नीचे खुदाई करने के लिए विभाग की अनुमति आवश्यक है। एसडीओ जेराम ने बताया कि रेलवे विभाग की अनुमति के लिए उन्होंने तभी उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा था। केबिल का इस्टीमेट पास हो गया है। रेलवे की अनुमति अभी तक नहीं मिल

सकी है। वह कई बार उच्चाधिकारियों को लिख चुके हैं। जेई गजेंद्र ने बताया कि गर्मी के मौसम में लोड़ बढ़ने पर कभी भी केबिल खराब हो सकती है। ऐसे में नगर के साथ-साथ कंपिल की भी बिजली कई दिनों तक गुल रहने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।

आठ दिन से बिजली गुल
शमसाबाद ब्लाक क्षेत्र के गांव नगला नान में एलटी लाइन के जंफर न जोड़े जाने से आठ दिन से बिजली गुल है। गांव नगला नान में महेशचंद्र के खेत के ऊपर से निकली एलटी लाइन से चिपककर करीब आठ दिन पहले एक नीलगाय की मौत हो गई थी। बिजलीकर्मियों ने जंफर काटकर आपूर्ति बंद कर दी थी। तब से अभी तक जंफर नहीं जोड़े गए हैं। इससे बत्ती गुल है। गांव के पवन कुमार, दयानंद, रामवीर, आनंद कुमार, अटल कुमार, महेशचंद्र, सुरेशचंद्र, राहुल कुमार और अखिलेश

कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि जेई से कई बार जंफर जुड़वाने की मांग कर चुके हैं लेकिन वह सुनते ही नहीं हैं। जंफर न जुड़े होने से बिजली आपूर्ति बंद चल रही है। ग्रामीणों ने जंफर जुड़वाए जाने की मांग की है। जेई मोहित लवलानी ने बताया कि एक-दो दिन में जंफर जुड़वाकर बिजली आपूर्ति चालू की जाएगी।
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