अमृतपुर। राजेपुर बदायूं मार्ग पर पुलिस की लापरवाही से चित्रकूट डिप से बाइक से निकल रहे मामा भांजे तेज धार में बह गए। गोताखारों ने दो घंटे में मामा के शव को निकाल लिया। वहीं भांजे की तलाश की जा रही है। आईजी जोन ने बाढ़ के निरीक्षण के दौरान डिप के दोनों ओर पुलिस तैनात करने के आदेश दिए थे। उसके बाद भी पुलिस वहां तैनात नहीं थी।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव तुषौर निवासी कुलदीप की शादी जनपद उन्नाव तहसील सदर के गांव अड़गापुर निवासी गुड्डी देवी से हुई थी। गुड्डी देवी का भाई पंकज 24 वर्ष बहन की ससुराल आया हुआ था। कुलदीप का पुत्र राजकुमार (11) नवोदय विद्यालय मोहम्मदाबाद में पढ़ता है। सोमवार शाम को मामा पंकज भांजे राजकुमार को बाइक पर बैठाकर फर्रुखाबाद जा रहा था। राजेपुर बदायूं मार्ग पर गांव अलीगढ़ डिप पर मामा भांजे पहुंचे। डिप पर कई फीट गहरा पानी बह रहा था। आईजी जोन प्रशांत कुमार ने कुछ दिन पहले यहां का भ्रमण कर डिप के दोनों ओर पुलिस तैनात करने के आदेश दिए थे। सोमवार को डिप के पास कोई पुलिस कर्मी मौजूद नहीं था। कुलदीप भांजे के साथ बाइक से डिप के अंदर उतर गया। सामने से डीसीएम भी डिप में घुस आया। ऐसे में बाइक किनारे पर झुक गई और पीछे बैठा भांजा राजकुमार गिर कर बाढ़ के पानी में बहने लगा। मामा पंकज ने बाइक छोड़कर पानी में भांजे को बचाने के लिए छलांग लगा दी। ऐसे में दोनों पानी के अंदर चले गए। कुछ दूर खड़ी यूपी 112 की गाड़ी में सवार सिपाही अंकित को मामा भांजे के बाढ़ पानी में बहने की जानकारी हुई तो उसने भी पानी में छलांग लगाई और काफी देर तक मशक्कत की। सूचना पर परिजन व गोताखोर मौके पर पहुंचे। दो घंटे की तलाश के बाद गोताखोरों ने मामा पंकज का शव बाहर निकाल लिया। वहीं भांजे राजकुमार की तलाश गोताखोर कर रहे है।
छह माह पहले ही पंकज की हुई है शादी
उन्नाव तहसील सदर गांव अड़गापुर निवासी पंकज की छह माह पहले रागिनी से शादी हुई है।सूचना पर उसकी मां नन्हीं देवी, भाई रामलखन, छोटू व शोभित सहित छह बहनों का हाल बेहाल हो गया। राजकुमार की दादी रानी देवी व बुआ रीतू मौके पर पहुंची और रोने पीटने लगी।
मवेशी चराने गया किशोर बूढ़ी गंगा में डूबा
कंपिल। थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर मिहरैया निवासी शेर सिंह शाक्य का पुत्र रमाकांत (15) सोमवार सुबह दस बजे जानवर चराने खेत में गया था। वहां बूढ़ी गंगा में रमाकांत नहाने चला गया। जहां गहरे पानी में जाने से वह डूब गया।शाम तक रमाकांत के वापस नहीं आने पर परिजन खोजबीन के लिए निकले। खेत में काम कर रहे ग्रामीणों ने किशोर के शव को उतराते हुए देखा। इसकी जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकाल लिया। मौके पर पहुंची मां मीरा देवी, भाई विकास, रमाकांत, आकाश, बहन मोरकली, संतोषी का रो-रोकर बेहाल हो गई। सूचना पर नायब तहसीलदार सनी कनौजिया ने मौके पर जाकर परिजनों से घटनाक्रम की जानकारी की।