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उफनाईं रामगंगा, अलादपुर भटौली व कोलासोता में कटान

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गांव चौरा के पास शाहजहांपुर मार्ग पर भरा पानी। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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अमृतपुर। रामगंगा के बढ़ते जलस्तर से गांवों में कटान शुरू हो गया है। बाढ़ की आशंका से परेशान ग्रामीणों ने सामान समेटना शुरू कर दिया है। वहीं अलादपुर भटौली व कोलासोता के ग्रामीण बढ़ते जलस्तर से दहशत में हैं। बाढ़ का पानी बढ़ा तो 15 गांवों की फसलें डूबने का खतरा बढ़ गया हैं। वहीं गंगा का पानी अभी भी लोगों के घरों में घुसा हुआ है। प्रशासन की राहत सामग्री को लेकर लोगों में आक्रोश है।
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जानकारी के मुताबिक गुुरुवार को कालागढ़, खोह व हरेली बांध से 16 हजार 919 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे रामगंगा का जलस्तर135.55 मीटर से बढ़कर 135.70 पर पहुंच गया है। 15 सेमी बढ़े जलस्तर ने कटरी क्षेत्र में परेशानी बढ़ा दीं हैं। यहां खतरे का निशान 137.10 मीटर है। वहीं गंगा का जलस्तर अभी भी स्थिर बना हुआ है। पानी कम न होने के लोगों के घरों में अभी भी जलभराव बना हुआ है। गंगा में नरौरा बांध से 90 हजार 858 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा के बाढ़ के पानी से करीब 40 गांव प्रभावित है। सभी गांवों में अभी राहत सामग्री प्रशासन की ओर से नहीं बांटी गई। हरसिंहपुर कायस्थ गांव में 20 दिन से पानी भरा है। इससे ग्रामीणों को एक सप्ताह पूर्व राहत पैकेट दिए गए थे।
गांव ऊगरपुर में ग्रामीणों के सामने पशुुओं के चारा की समस्या बनी हुई है। गांव भुड़रा में बाढ़ का पानी घरों में भरा हुआ है। मजबूरी में गांव के लोगों ने पेड़ों पर मचान बनाकर गुजारा कर रहे है। गांव राम प्रसाद नगला, कालिका नगला, फुला, जटपुरा और माखन नगला गांव जाने वाले मार्ग पर बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इससे सड़क कट गई है। आवागमन को नाव नहीं चलाई गई। ग्रामीण जान जोखिम डालकर तैर कर आवागमन कर रहे हैं।
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क्या कहते जिम्मेदार
बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत पैकेट बंटवाए जा रहे हैं। अभी तक 2250 राहत पैैकेट बांटे गए हैं। बकाया गांव के लिए 1250 पैकेटों की मांग की है। 19 नाव चल रहीं हैं। जहां राशन खत्म हो गया है, वहां राहत पैकेट बंटवाए जाएंगे।
बृजेंद्र कुमार, एसडीएम अमृतपुर।
इनसेट
बाढ़ प्रभावित गांवों में बांटी गई दवा
अमृतपुर। बाढ़ प्रभावित गांव मंझा की मडैया में 186 ग्रामीणों को खांसी, बुखार व खुजली की दवा दी गई। गांव कोला सोता में 102 ग्रामीणों को दवा दी। नगरिया जवाहर गांव में 86 ग्रामीणों को दवा दी। डॉक्टरों का कहना है कि सीएमओ कार्यालय से बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए मिलने वाली किटें अभी तक नहीं मिली है।
इनसेट
शाहजहांपुर मार्ग पर भरा पानी, आवागमन प्रभावित
शमसाबाद। गंगा में आई बाढ़ का पानी शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर गांव चौराहार के पास सड़क पर भर गया है। करीब ढाई फीट पानी सड़क पर बह रहा है। इससे वाहन चालकों को आवागमन में डर लगने लगा है। गांव गुटैटी दक्षित से सरीफपुर छिछनी जाने वाले मार्ग पर भी बाढ़ का पानी भर गया है। इससे आवागमन प्रभावित होने लगा है।
इनसेट
पशुुओं में फैली बीमारी, दो मरे
शमसाबाद। बाढ़ प्रभावित गांव कटरी तौफीक में पशुओं में बीमारी फैली है। इससे गांव के अखिलेश कुमार, निवेश राजपूत, रोध, गंगा सिंह, जोधराम के पशु बीमार हैं। शुद्घवीर व भैयालाल का एक-एक पशु बीमार होने से मर गया। इसकी जानकारी पशु चिकित्सक को दी गई। वह गांव में टीकाकरण को नहीं गए। इससे गांव के लोगों में नाराजगी है। पशु चिकित्साधिकारी डा. फूलबाबू ने बताया कि उनको जानकारी नहीं मिली है। गांव में टीम भेजी जाएगी।

गांव भुड़रा में प्लास्टि के डिब्बों की नाव बनाकर बाढ़ का पानी पार करते बच्चे। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

गांव मंझा में नाव से दवा वितरण करने जाती स्वास्थ्य टीम। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

गंगा में बाढ़ आने से गांव में भरे पानी ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। घर में कहीं जगह न होने प?- फोटो : FARRUKHABAD

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