फर्रुखाबाद। एससीएसटी में एक आरोपी को गवाह व साक्ष्य के आधार पर विशेष न्यायाधीश एससीएसटी महेंद्र सिंह ने दोषी करार देकर दो वर्ष की सजा सुनाई। दोषी को सात हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव शाहीपुर निवासी कैलाश चंद्र ने गांव के रतन सिंह, ग्रीशचंद्र, हरिपाल, महावीर के खिलाफ 20 नवंबर 2014 को मुकदमा दर्ज कराया। इसमें बताया कि 13 नवंबर 2014 को खेत से घर जा रहा था। रतन सिंह ने रास्ते में निकलने को लेकर जाति सूचक गाली गालौज की। विरोध करने पर रतन सिंह सहित चारों लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर उसको गंभीर रूप से घायल कर दिया। परिजनों ने सीएचसी में भर्ती कराया। वहां हालत खराब होने पर डॉक्टर ने लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया था। विवेचक ने महावीर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर दोषी महावीर को दो वर्ष कारावास की सजा सुनाई।
दोषी को सात हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं जमा करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से अशोक कटियार व अनुज प्रताप सिंह ने दलीलें दी।