फर्रुखाबाद। दोपहिया वाहन चालकों की मनमानी और जिम्मेदारों की उदासीनता पांचाल घाट पर जाम का सबब बनती जा रही है। सुबह से लेकर शाम तक जाम में फंसकर लोग परेशान हो रहे हैं।
बृहस्पतिवार को पांचाल घाट पुल पर रुक-रुककर जाम लगता रहा। यातायात पुलिस की ओर से तैनात किए गए सिपाही धूप होते ही चौकी के पास और दुकानों पर छांव की तलाश में खड़े हो गए। इस दौरान गार्ड भी बैरियर लगाकर बड़े वाहनों को रोकने की कवायद करते दिखे। वन वे व्यवस्था के तहत शहर की ओर से छोड़े जाने वाहनों के साथ ही बरेली की ओर से दोपहिया वाहन चालक पुल पर आ गए। इससे पुल पर जाम लग गया।
दोनों ओर से कहा-सुनी होने के बाद लोग जैसे-तैसे अपने गंतव्य की ओर निकलते रहे। यह सिलसिला पूरे दिन जारी रहा। यातायात प्रभारी सतेंद्र सिंह ने बताया कि रोडवेज बसों और दोनों ओर से एकसाथ गुजरने वाले दोपहिया वाहनों के कारण जाम लग रहा है। इसको व्यवस्थित कराया जाएगा।
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रोडवेज बसों का हुआ चालान, पिलर हटाने की मांग
फोटो-38, रोडवेज बस चालक को चालान की पर्ची देते टीएसआई। स्रोत: स्वयं
फर्रुखाबाद। पांचाल घाट पुल पर रोजाना लगने वाले जाम को लेकर यातायात पुलिस ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। रोडवेज बसों की मनमानी से लगने वाले जाम को देखते हुए पुलिस ने बृहस्पतिवार को नियमों का उल्लंघन करने वाली रोडवेज बसों का चालान किया।
गंगा पुल पर जाम में फंसने की वजह से आम लोगों का निकलना दूभर हो चुका है। स्कूल जाने वाले बच्चे हो या फिर नौकरीपेशा लोग। जाम में रोजाना फंस कर परेशान हो रहे हैं। वहीं गंभीर मरीजों को लेकर जाने वाली एंबुलेंस भी समय से नहीं पहुंच पा रही हैं। भारी वाहनों का दिन में प्रवेश वर्जित है। वहीं सुबह और शाम को लगने वाले जाम से लोगों को निजात नहीं मिल पा रही है। राहगीरों ने बताया कि एनएचएआई के डायवर्जन पिलर पुल पर सकरे रखे हैं। इसके कारण ही जाम लगता है।
टीएसआई सतेंद्र कुमार ने बताया कि रोडवेज बसों के चालान किए गए हैं। पुल पर डायवर्जन को लगाए गए पिलर सकरे ढंग से रखे गए हैं। जिसकी वजह से पुल से भारी वाहनों को निकालने में दिक्कत हो रही है। एनएचएआई के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया है।