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दस तमंचों के साथ दो शातिर गिरफ्तार

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पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता करते एसपी व पीछे पुलिस अभिरक्षा में खड़े दो आरोपी। अमर उजाल? - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। तमंचों की तस्करी करने वाले दो शातिरों को स्वाट टीम व शहर कोतवाली पुलिस ने संयुक्त अभियान में दबोच लिया। पकड़े गए दोनों आरोपियों के पास से पुलिस ने दस तमंचे व दो कारतूस बरामद किए हैं। दोनों के खिलाफ शहर कोतवाली में अवैध शस्त्र अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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एसपी डॉ. अनिल मिश्रा ने गुरुवार को पुलिस लाइन के सभागार में बताया कि बुधवार रात स्वाट टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित को सूचना मिली कि सातनपुर मंडी के पास कुछ तस्कर तमंचे सप्लाई करने आए है। स्वाट टीम प्रभारी ने शहर कोतवाल देवेंद्र दुबे को सूचना दी। पुलिस व स्वाट टीम ने संयुक्त अभियान में सातनपुर क्षेत्र में दबिश देकर कलीम खां निवासी गांव नसरतपुर थाना कमालगंज, महाराम निवासी गांव देवधरापुर थाना कमालगंज को पकड़ लिया। इनके पास से पुलिस ने दस तमंचे और दो कारतूस बरामद किए हैं।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि त्योहार नजदीक आ रहे हैं। इस समय असलहों की मांग बढ़ गई है। वह जनपद एटा के गांव सिरसा के भूरे से असलहे खरीद कर लाए थे। दो हजार का तमंचा आसानी से तीन हजार तक में बिक जाता है। एटा जिले के भरगैन इलाके में तमंचे आसानी से मिल जाते हैं। काफी समय से तमंचेेे की बिक्री का कोराबार कर रहे थे। शहर कोतवाली में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी ने गिरफ्तार करने वाली टीम को इनाम देने की घोषणा की है। इस दौरान एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ सिटी मन्नीलाल गौड़ के अलावा प्रतिसार निरीक्षक वहां मौजूद रहे।
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तमंचों की तस्करी करने वाले तस्कर आखिर कारतूस कहां से लाते हैं। जबकि शस्त्र दुकानों पर असलहे के लाइसेंस पर ही कारतूस आवंटित किए जाते हैं। तो फिर तस्कर को कारतूस कौन देता है। इससे पहले भी कई बार तमंचों की तस्करी करने वाले पकड़े जा चुके हैं। तस्करों का पुलिस चालान कर देती है। जमानत पर छूटने के बाद यह लोग फिर से यही कारोबार करते हैं। एसपी ने बताया कि इस बिंदु पर गहनता से छानबीन की जा रही है। तमंचे भरगैन जिला एटा से लाए जाते हैं।
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