फर्रुखाबाद। बेटे की नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी के मामले में पीड़ित ने कानपुर के दो भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला छक्का नाजिर कूंचा निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक लालाराम दुबे ने एसपी के आदेश पर कानपुर पश्चिमी के थाना कल्याणपुर के आंबेडकरनगर पुरम में आवंतीबाई पार्क के सामने रहने वाले विपिन दीक्षित और सचिन दीक्षित के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि वर्ष 2018 में उनके पुत्र रजत दुबे ने उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा दी थी।
उसी समय मेरापुर थाने के पैतृक गांव गुरऊशादीनगर में मिथलेश दीक्षित आदि से जमीन खरीदी थी। बैनामे में मिथलेश का नाती सचिन दीक्षित गवाह था। उसी समय सचिन ने बेटे की नौकरी लगवाने की बात कही। इसमें 10 लाख रुपये खर्च बताया। असफल होने पर पूरा पैसा वापस करने की बात कही। लालाराम ने सचिन और विपिन पर विश्वास कर 30 जुलाई 2018 को दो लाख व 24 दिसंबर 2018 को एक लाख रुपये विपिन के खाते में डाले। एक लाख रुपये परिचित मनोज कुमार के खाते में 20 फरवरी 2019 को डलवाए। इसके बाद छह लाख रुपये और लिए गए।
इसके बाद कई बार कहने पर भी न तो नौकरी लगवाई और न ही रुपये वापस किए। हर बार टरकाते रहे। रुपये वापस करने का दबाव बनाया तो विपिन दीक्षित ने नौ फरवरी 2022 को इलाहाबाद बैंक का तीन लाख रुपये का चेक दिया। चेक लगाने पर बैंक ने इलाहाबाद बैंक इंडियन बैंक में मर्ज होने की टिप्पणी लगाकर वापस कर दिया। तीन जून से पांच सितंबर 2022 तक अलग-अलग तिथियों में ढाई लाख रुपये वापस किए। इसके बाद कहने पर भी रुपये वापस नहीं कर रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों की खोजबीन शुरू कर दी है।