फर्रुखाबाद। पुलिस पर फायरिंग करने में दो दोषियों को कोर्ट ने आठ वर्ष की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों को 21-21 हजार रुपये बतौर अर्थदंड के जमा करने के आदेश दिए।
बुलंदशहर में जेल से पेशी पर आए अपराधी पुलिस कर्मियों की आंखों में मिर्ची झोंक कर भाग गए थे। कई जनपदों की पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। दो अक्तूबर 2016 को राजेपुर थाने के तत्कालीन दरोगा देवी प्रसाद गौतम व स्वाट टीम प्रभारी महेंद्र कुमार त्रिपाठी टीम के साथ अपराधियों की तलाश कर रहे थे। गांव कुतुलूपुर के मोड़ के पास तीन युवकों को रोका तो उन्होंंने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
जवाबी फायरिंग में पुलिस ने जनपद बुलंदशहर थाना पहासू गांव वेदरामपुर निवासी टीटू उर्फ किरनपाल, थाना छतारी गांव रिसालू निवासी अजय चौहान व रूपेंद्र को पकड़ लिया। तीनों के खिलाफ पुलिस मुठभेड़ का मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचक ने तीनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान रूपेंद्र की फाइल अलग कर दी गई।
सोमवार को न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर आरोपी टीटू उर्फ किरनपाल, अजय चौहान को दोषी करार कर आठ वर्ष की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों को 21-21 हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषियों को 20 दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।