फोटो- 36 हिस्ट्रीशीटर संजय शुक्ला उर्फ बर्री। संवाद
राजेपुर (हरदोई)। दिल्ली जा रही हरदोई डिपो की बस में चार दिन पहले बरामद पार्सल में अवैध असलहे मिलने के मामले में परिचालक की तहरीर पर हरदोई के हिस्ट्रीशीटर समेत दो लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने दोनों चालकों व परिचालक का शांतिभंग में चालान किया। प्राथमिकी में सच पर पर्दा डालते हुए घटना रविवार यानी चार जनवरी की दिखाई गई है। हिस्ट्रीशीटर ने रंजिश के चलते चालक अजयकांत को फंसाने के लिए मूंगफली बेचने वाले से असलहे रखा पार्सल उसे दिलवाया था।
डबरी तिराहे पर एक जनवरी को हरदोई डिपो की रोडवेज बस में पुलिस को मिले पार्सल से बरामद अवैध असलहों के मामले का रविवार को पटाक्षेप हो गया। बस के परिचालक हरदोई के पाली थाने के गांव शाहजनपुर निवासी संदीप मिश्रा ने प्राथमिकी लिखाई। इसमें कहा कि एक जनवरी को निजामपुर निवासी चालक पवनेश कुमार व पटियानीव निवासी अजयकांत के साथ बस लेकर दिल्ली जा रहा था। शाम चार बजे हुल्लापुर चौराहे पर थाना व कस्बा पाली निवासी नीलू पाठक ने एक पार्सल गाड़ी में रखकर डबरी तिराहे पर व्यक्ति को देने की बात कही।
नीलू को पहले से जानता था लिहाजा वह पार्सल रख लिया। डबरी पर कोई नहीं मिला तो गाड़ी व पार्सल लेकर चला गया। चार जनवरी को फिर डबरी तिराहे पर पहुंचकर उस व्यक्ति की खोजबीन की, मगर नहीं मिला। पार्सल में सामान की आशंका को देख वह चालकों के साथ थाने आया। वहां खोलकर देखा, तो उसमें 315 बोर के चार तमंचे मिले। नीलू पाठक से जानकारी की, तो उसने बताया कि वह पाली थाने के सुलहसराय निवासी हिस्ट्रीशीटर संजय शुक्ला ने भिजवाने की बात कही। जबकि पार्सल लेने वाले का नाम नहीं बताया। पुलिस ने रविवार शाम करीब 70 घंटे थाने में बैठाने के बाद दोनों चालकों और परिचालक का शांतिभंग में चालान कर दिया।
पार्सल पर लगा था गुलाब का फूल, पुलिस ने सिर्फ एक गाड़ी की चेक
राजेपुर। एक जनवरी को हरदोई डिपो की बस में अवैध असलहों से भरा पार्सल मिलने की घटना की परिचालक संदीप मिश्रा ने बिंदुवार जानकारी दी। बताया कि हुल्लापुर तिराहे पर करीब 25 साल के एक युवक ने मुझे फर्रुखाबाद तक पार्सल ले जाने को कहा। उस पर एक गुलाब का फूल लगा था। उस युवक से पार्सल लेने वाले का मोबाइल नंबर पूछा, तो नहीं बताया। इस पर पार्सल लेने से मना करके बस से नीचे उतार दिया। बस चलने वाली थी कि वह सीट के नीचे पार्सल डालकर उतर गया। टिकट बनाकर सीट पर पहुंचा, तब पार्सल पर नजर प़ड़ी। इसकी जानकारी बस चला रहे पवनेश को दी और आगे रख दिया। रामगंगा पुल पर वाहन चल रहे थे, सो डबरी तिराहे पर छह-सात मिनट में आ गए। वहां पहले से खड़ी पुलिस ने सिर्फ मेरी बस चेक की। आगे और पीछे की बसों और अन्य वाहनों को जाने दिया। पुलिस के खोलने पर असलहे होने की जानकारी हुई। पार्सल में असलहे होने की पुलिस को पहले ही जानकारी हो गई थी। इसके बाद बस में सवार सभी 12 सवारियों को दूसरी बस में ट्रांसफर कर दिया था। (संवाद)