थाना नवाबगंज के गांव बवना में डायरिया से मरे बच्चे का अंतिम संस्कार करके सोमवार को जब परिजन घर लौटे तो पुत्री आरुषी (8) को गोली लगने से गंभीर रूप से घायल पाया।
आरुषि को उसका पिता आनन-फानन शहर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में लेकर आया। आरुषि के पिता का कहना है कि उसके भाई प्रशांत के पुत्र की मौत डायरिया से हो गई थी।
मरे बेटे का अंतिम संस्कार करके वह गंगा जी से वापस आया। इसी दौरान उसे अपनी पुत्री के गोली लगने की सूचना मिली। गोली कैसे लगी है। इसकी उसे कोई जानकारी नहीं है। फिलहाल समझा जाता है कि राजीव के घर पर तमंचा रखा था, जिसे बच्चों ने खेल-खेल में उठा लिया।
लोड तमंचा होने के कारण उससे गोली चल गई और आरुषि घायल हो गई। घर में तमंचा रखे रहने की पुष्टि उसके परिजन नहीं कर रहे हैं। गांववालों का कहना है कि तमंचे की गोली से ही आरुषि घायल हुई है।
नर्सिंग होम के डॉक्टर ने घटना की सूचना नवाबगंज पुलिस को दी है। नवाबगंज के थानाध्यक्ष नरेंद्र गौतम का कहना है कि उन्हें अस्पताल से सूचना मिल गई है। अभी फिलहाल वह फर्रुखाबाद की शिव बारात में हैं।
बारात से वापस जाने के बाद मामले की तहकीकात करेंगे और जिस तमंचे से गोली लगी। उसे बरामद कर घायल आरुषि के परिजनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।