फर्रुखाबाद। खलिहान में आग लगाने के 33 वर्ष पुराने मामले में सीजेएम ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया। दोनों को एक वर्ष तक सदाचार बनाए रखने की शर्त पर परिवीक्षा की सजा सुनाई।
रघुवीर व खेतपाल को एक वर्ष तक अपराध नहीं करने और प्रत्येक माह जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में हाजिरी देने के आदेश दिए। कोतवाली मोहम्मदाबाद के गांव धीरपुर निवासी भूपसिंह के खलिहान आग लगा दी गई। इसकी रिपोर्ट भूपसिंह ने कोतवाली में 24 अप्रैल 1992 को दर्ज कराई थी।
जांच के बाद पुलिस ने गांव धीरपुर तिपेड़ा निवासी रघुवीर व जनपद हरदोई थाना अरवल के गांव मुचिया निवासी खेतपाल के विरुद्ध कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट घनश्याम शुक्ला आरोपी रघुवीर व खेतपाल को खलिहान में आग लगाने के मामले में दोष सिद्ध किया।
दोनों दोषियों को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए एक वर्ष तक सदाचार बनाए रखने के की शर्त पर रिहाई दी। दोषियों को 20 हजार रुपये की दो प्रतिभूति एवं इसी धनराशि के निजी बंधपत्र जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में जमा करने का आदेश दिया। (संवाद)