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बाइकों-मैजिक की भिड़ंत में छात्र समेत दो की मौत, दो घायल

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मृतक की बहन ममता को संभालती महिला दरोगा। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : FARRUKHABAD
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ओवरटेक करने के प्रयास में दो बाइकों की भिड़ंत हो गई। इसके बाद एक बाइक सामने से आ रही मैजिक से टकरा गई। इससे उस पर सवार अधेड़ व दूसरी बाइक से परीक्षा देकर लौट रहे तीन छात्र घायल हो गए।
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अस्पताल पहुंचते ही अधेड़ को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने इंजेक्शन लगाने के दस मिनट में मौत होने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया।
घबराए इमरजेंसी के डॉक्टर और नर्स आदि स्टाफ ताले लगाकर भाग गए। सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स इमरजेंसी में तैनात कर दिया गया।
मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के गांव ऊगरपुर निवासी मानिक चंद्र त्रिपाठी (56) दावत में बाइक से जसमई जा रहे थे। वे अर्रापहाड़पुर के पास पहुंचे, तो आगे जा रही बाइक को ओवरटेक करने के प्रयास में उससे भिड़ गए।
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अनियंत्रित बाइक सामने से आ रही मैजिक से भिड़ गई। दोनों बाइकों पर सवार दूर जा गिरे। मऊदरवाजा थाना पुलिस ने एंबुलेंस से घायलों को लोहिया अस्पताल भेजा। वहां डॅाक्टर ने मानिक चंद्र को मृत घोषित कर दिया।
वे खेती करते थे। दूसरी बाइक सवार नगला खैरबंद से परीक्षा देकर लौट रहे छात्र मऊदरवाजा थाने के गांव हरसिंहपुर गोवा निवासी अभिषेक(17) पुत्र रामनरेश यादव और अमन(17) पुत्र राजेंद्र यादव, गांव चौरसिया मझोला के छात्र अनुराग (15) पुत्र ब्रजेंद्र कुमार को भर्ती कर लिया गया। देर शाम अभिषेक की इलाज के दौरान मौत हो गई।
इससे गुस्साए परिजनों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इंजेक्शन लगाने के बाद पांच मिनट बाद ही अभिषेक की मौत हो गई। परिजनों का गुस्सा देख डाक्टर व स्टाफ नर्स कक्ष में ताला डालकर खिसक गए।
जानकारी मिलने पर पुलिस लोहिया अस्पताल पहुंच गई। उसने परिजनों को समझाकर शव शवगृह में रखवा दिया। कोई भी हेलमेट नहीं लगाए था। मऊदरवाजा थानाध्यक्ष जेपी शर्मा ने बताया कि तहरीर मिलने मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
घायल छात्र अनुराग के पिता ब्रजेंद्र कुमार ने बताया कि तीनों छात्र खुंबरपुर स्कूल में हाईस्कूल में पढ़ते थे। वे नगला खैरबंद स्थित महावीर इंटर कालेज से पेपर देकर लौट रहे थे कि दुर्घटना हो गई। अनुराग ने बताया कि अमन बाइक चला रहा था। उनकी बाइक में किसी ने टक्कर मारी थी।
बहन ममता ने बताया कि शाम करीब सवा छह बजे एक नर्स ने अभिषेक को इंजेक्शन लगाया। इसके पांच मिनट बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई। बहन भागती हुई इमरजेंसी आई, तो डॉक्टर ने देर कर दी।
वह दोबारा ऊपर गई और जब हालत और खराब दिखी, तो नीचे आकर गुहार लगाई, मगर नहीं सुनी। उसने कुर्सियां फेंक दीं। इमरजेंसी में रखीं बोतलों को फेंकना शुरू कर दिया। पागल सी हुई ममता ताला पड़ी स्ट्रेचर झटका देकर तोड़ ले गई। परिजन अभिषेक को लेकर नीचे आए, तो ड्यूटी डाक्टर ने उसे देखा और मौके से खिसक लिए। इसी के बाद हंगामा शुरू हो गया।
अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली प्रभारी वेदप्रकाश पांडेय, मऊदरवाजा इंस्पेक्टर जेपी शर्मा समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल थाने पहुंच गया। उन्होंने समझाकर परिजनों को शव शवगृह में रखवाने के लिए राजी कर लिया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
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