फर्रुखाबाद। जनपद में स्वास्थ्य विभाग व दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के बीच दिव्यांग प्रमाणपत्रों के डाटा में 918 का अंतर है। स्वास्थ्य विभाग से ऑनलाइन 16,238 दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी हुए। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के यूडीआईडी पोर्टल पर 17,146 का ब्योरा बताया जा रहा है। फिलहाल इस अंतर में कुछ तो गड़बड़झाला दिख रहा है।
सीएमओ कार्यालय से ऑनलाइन जारी दिव्यांग प्रमाणपत्रों पर ही सरकारी सेवाओं का लाभ दिया जाता है। 18 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांगों को पेंशन अभी तक पुराने ढर्रे पर जारी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के अनुसार कुल 16238 ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी किए गए। इनमें 1428 दिव्यांग 18 वर्ष से कम आयु के हैं। पेंशन लेने योग्य 18 वर्ष से अधिक आयु के 14800 दिव्यांगों को ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी किए।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से 17,332 दिव्यांगों को पेंशन दी जा रही है। इस संबंध में अमर उजाला ने 18 फरवरी के अंक में 14,800 दिव्यांगों के प्रमाणपत्र, पेंशन 17,332 को, शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इससे दोनों विभागों में खलबली मच गई।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अनिल चंद्र ने दावा किया है कि यूडीआईडी पोर्टल पर 17,146 दिव्यांगों का ब्योरा है। स्वास्थ्य विभाग 16,238 ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी करने की बात कह रहा है। अब दोनों विभागों के डाटा में 918 का अंतर है। इससे यह मामला और पेंचीदा हो गया है। फिलहाल सीएमओ कार्यालय में वर्षों से पड़ी ऑफलाइन जारी दिव्यांग प्रमाणपत्रों की फाइलें निकलवा ली गई हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ पुरानी फाइलें गायब भी हो चुकी हैं। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग अब प्रमाण पत्राें का अभियान के तहत सत्यापन कराने की तैयारी में है।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अनिल चंद्र ने बताया कि पुराने ऑफलाइन प्रमाणपत्रों पर शासन से पेंशन बंद करने के फिलहाल कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं। ऑफलाइन प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन करना सीएमओ कार्यालय की जिम्मेदारी है। फिर भी वह ब्लॉक स्तर से दिव्यांग प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराएंगे। इसके लिए बीडीओ को पत्र जारी किया जाएगा।