फर्रुखाबाद। 22 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में आरोपियों को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रितिका त्यागी ने दोषी ठहराया। दोषियों को 19 जुलाई को सजा सुनाई जाएगी। मामले में सुनवाई के दौरान तीसरे आरोपी की मौत हो चुकी है।
कायमगंज कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक नरसिंह पाल सिंह ने छह अगस्त 2003 को दो भाइयों सहित तीन के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव उलियापुर निवासी सूरजपाल उर्फ डावला, राम बहादुर पुत्रगण लटूरी बाथम व राजेश उर्फ राजू पुत्र विजेन्द्र सिंह उर्फ लल्लू एक शातिर किस्म के अपराधी हैं।
तीनों के खिलाफ अलग-अलग थानों में कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। क्षेत्र में रंगदारी, अवैध वसूली, मारपीट कर लोगों से वसूली करते हैं। इनका क्षेत्र के लोगों में भय व्याप्त है। कोई भी ग्रामीण इनके खिलाफ गवाही देने को तैयार नहीं है। विवेचक ने विवेचना पूरी कर सूरजपाल उर्फ डावला, राम बहादुर व राजेश उर्फ राजू के खिलाफ गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के मामले में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान राम बहादुर की मौत हो गई। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रितिका त्यागी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। अभियोजन पक्ष की ओर से शैलेन्द्र परमार ने दलीले दीं। गवाह व साक्ष्य के आधार पर सूरजपाल उर्फ डावला व राजेश उर्फ राजू को गैंगस्टर एक्ट में दोषी ठहराया। दोषियों को 19 जुलाई को सजा सुनाई जाएगी।