फर्रुखाबाद/मोहम्मदाबाद। जिले में राजकीय नलकूपों की बदहाली और बिजली की कमी से किसानों की फसलों पर संकट गहरा गया है। दिन में मुश्किल से तीन-चार घंटे बिजली मिलने और उसमें भी कम वोल्टेज के कारण नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। सिंचाई के अभाव में मक्का और मूंगफली की फसलें सूखने लगी हैं, जिससे किसान परेशान हैं।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र में करीब सौ से अधिक राजकीय नलकूप हैं। इनकी मरम्मत पर प्रति वर्ष लाखों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन बदहाली बनी हुई है। कई नलकूपों के मोटर खराब हैं तो कुछ की नालियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, जिससे किसानों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। बिजली विभाग की लापरवाही ने किसानों की समस्या और बढ़ा दी है। नलकूप फीडरों पर दस घंटे का रोस्टर होने के बावजूद मुश्किल से तीन घंटे ही बिजली मिल रही है। इसमें भी कम वोल्टेज के कारण नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। खेतों में खड़ी मक्का और मूंगफली की फसलें सिंचाई न होने से मुरझा रही हैं। आलू की मंदी झेल चुके किसानों को मक्का की फसल से उम्मीद थी, लेकिन अब यह भी बर्बाद होती दिख रही है। गांव नीबकरोरी, नगला दरियाय, देवी नगला, फगुना अतनपुर सहित सैकड़ों गांवों के किसान फसल सूखने से चिंतित हैं। मौधा, खटा और अरसानी के दो राजकीय नलकूपों सहित बड़ी संख्या में नलकूप खराब पड़े हैं, इसके बावजूद विभागीय फाइलों में यह नलकूप पानी फेंक रहे हैं। अधिशासी अभियंता नलकूप विभाग शशांक कुमार ने कहा कि लो वोल्टेज से नलकूप चलने में दिक्कत आ रही है। इससे मोटर भी फुंक रही हैं। 18 फुंकी हुई मोटर मरम्मत के लिए वर्कशाप लाई गईं। नलकूपों की अन्य खराबी दिखवाकर चालू कराएंगे। अधिशासी अभियंता विद्युत ग्रामीण सुशील कुमार ने कहा कि लो-वोल्टेज की कुछ समस्या है। एक-दो दिन में व्यवस्था ठीक होने की उम्मीद है। नलकूप फीडरों को लगातार बिजली दी जाएगी।
दो से तीन घंटे ही बिजली दी जा रही
गांव बहादुर नगला निवासी विनोद कुमार ने बताया कि नलकूप फीडर पर दो से तीन घंटे ही बिजली दी जा रही है। इसमें भी कई बार ट्रिपिंग तो कभी टू-फेस बिजली आने से सबमर्सिबल नहीं चल पाते। सिंचाई न हो पाने से फसलें सूख रही हैं।
तालाब के पानी से फसल की सिंचाई की
गांव देवी नगला निवासी विजय कुमार व लोकेश कुमार ने बताया कि उनके 20 बीघा खेत में मक्के की फसल है। बिजली न मिल पाने से फसल सूख रही है। इससे बृहस्पतिवार को अपने ट्रैक्टर में पंप लगाकर तालाब के पानी से फसल की सिंचाई की। मक्के की सूखी फसल दिखाने के दौरान लोकेश भावुक हो गए।
कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं
नगला देवी निवासी 83 वर्षीय फकीरे सिंह ने बताया उनकी 18 बीघा मक्का की फसल है। बिजली न मिल पाने से सिंचाई के अभाव में फसल सूख गई। कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। इसके अलावा फगुना अतनपुर निवासी इकबाल सिंह ने बताया उनके नलकूप से करीब 40 बीघा खेती की सिंचाई की जाती है। मात्र तीन घंटे बिजली आने से सिंचाई नहीं हो पा रही और फसले सूख रही हैं।
रात में बिजली न मिलने से नींद हराम
क्षेत्र के गांव नगला दरियाय निवासी अशोक कुमार, कर्मराज, संजय ने बताया कि बिजली न मिल पाने से निजी नलकूप निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हैं। फसलें सूख रही हैं। नीबकरोरी निवासी अमित कुमार, अज्जू दुबे, ध्रुव दुबे, कन्नू मिश्रा ने बताया कि सिंचाई के अभाव में मक्का की फसल सूख रही है। गांव में भी बिजली आपूर्ति बदहाल होने से भीषण गर्मी में रात की नींद हराम है।
फोटो-5 मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव देवी नगला में ट्रैक्टर से सिंचाई करते किसान। संवाद
फोटो-5 मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव देवी नगला में ट्रैक्टर से सिंचाई करते किसान। संवाद
फोटो-5 मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव देवी नगला में ट्रैक्टर से सिंचाई करते किसान। संवाद
फोटो-5 मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव देवी नगला में ट्रैक्टर से सिंचाई करते किसान। संवाद