फर्रुखाबाद। होली पर नगर पालिका शहर में सफाई करा रही है। वहीं हाकिमों को खुश करने के लिए उनके कार्यालय गेट व आवास को जाने वाली सड़क के दोनों ओर तिरंगा चूना डलवाया गया है। इन रंगों में देश की भावना जुड़ी है तो स्थान का सही चयन नहीं किया गया।
त्योहार से जोड़ें तो इन्हीं तीन रंगों का संगम क्यों हुआ और सत्ता से जोड़ें तो भी विपक्ष के झंडे से इसका मिलान हो रहा है। लोग भी इस पर अंगुली उठाते दिखे। नगर पालिका ने इस बार कलक्ट्रेट गेट से लेकर सड़क तक चूना, केसरिया और हरा रंग डलवाया है। राष्ट्रीय ध्वज में भी इन्हीं तीन रंगों का संगम है। हालांकि ध्वज के बीच में चक्र होता है।
फिर भी ध्वज के रंगों की पट्टियां तिरंगे की भावना से जोड़तीं हैं। जागरूक लोगों ने देखा तो सड़क पर इस तरह के प्रयोग को तिरंगे का अपमान बताया। कलक्ट्रेट से आगे आफीसर्स कालोनी में साहब के आवास सहित अंदर जाने वाली सड़क पर इसी तरह की तीन पट्टियां हैं। आगे बढ़ें तो स्वास्थ्य, सुरक्षा व जिले के बड़े साहब के आवासों को जाने वाली सड़क के दोनों ओर रास्ता इसी तरह से सजाया गया है।
क्या कहते हैं जिम्मेेदार
नगरपालिका की प्रभारी ईओ सीमा तोमर ने बताया कि उन्होंने चूने के साथ होली की वजह से गुलाबी रंग डालने को कहा था। तीन रंग की पट्टी सुंदरता के लिए बनवाई गई थी। मजदूरों के शिक्षित न होने से उन्होंने दूसरा रंग डाल दिया। इसकी जानकारी पर उन्होंने पट्टी के रंग बदलवा दिए हैं। मजदूरों की नासमझी से तिरंगे के रंग से मिलान हो गया।