फर्रुखाबाद/मोहम्मदाबाद। इटावा-बरेली हाईवे का चौड़ीकरण कर बनाया गया फोरलेन हाईवे पहली बरसात में ही दगा दे रहा है। जिले में 49 किमी लंबे हाईवे पर कई जगह गड्ढे हैं। कई स्थानों पर जलभराव है। पुलिया के पास सड़क धसकी है। इससे राहगीरों के लिए हाईवे का सफर खतरनाक साबित हो रहा है।
जनपद में इटावा-बरेली हाईवे को नेशनल हाईवे 730 सी में परिवर्तित कर चौड़ीकरण कराया गया। निर्माण की धीमी रफ्तार और खराब गुणवत्ता पर शुरुआत से ही सवाल उठते आ रहे हैं। गत वर्ष बरसात में सड़क पर गड्ढे होने पर अधिकारियों का कहना था कि अभी हाईवे निर्माणाधीन है। अब तो निर्माण भी पूरा हो चुका है और पहली बरसात में हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। जिले में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से 49 किमी बने इस हाईवे पर मोहम्मदाबाद क्षेत्र में सड़क की बदहाली सामने दिख रही है। मदनपुर से पसनिंगपुर तक पांच किलोमीटर दूरी में सड़क के कई स्थानों पर गहरे गड्ढे हैं। कई जगह सड़क दबने से उछाल आ गया है। गांव रतनपुर के मोड़ के पास बनी पुलिया धसक गई है। इससे गड्ढा हो गया है।
करीब 20 दिन पूर्व गांव नगला पीरजात निवासी बाइक सवार अर्जुन यादव की गड्ढा बचाने के लिए चक्कर में पिकअप की टक्कर से मौत हो गई थी। इसके अलावा हवाई पट्टी के निकट व गैसिंगपुर के पास पुलिया धंसकी है। यहां सड़क पर पानी भरा है। गांव मुरहास स्थित टोल प्लाजा की पार्किंग के पास हाईवे पर बरसात का पानी भरा है। मोहम्मदाबाद चौराहे के पास निर्माणाधीन पुलिया का काम बंद है। वहां 15 दिन से आधी सड़क पर ही यातायात चल रहा है। पांच दिन पूर्व यहां पर ट्राली में भरे गेहूं के बोरे पलट गए थे। इससे एक दुकानदार बाल-बाल बच गया।
सड़क से ऊंचे नाले के होल, कैसे हो जल निकासी
एनएच 730 सी के किनारे बनाए गए नाले के होल सड़क से ऊंचे हैं। इससे बरसात में सड़क का पानी नाले में जाता ही नहीं है। जलभराव होने से सड़क खराब हो रही है। इसको लेकर भी कई बार सवाल उठ चुके हैं, लेकिन कोई अधिकारी सुनने वाला नहीं है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि हाईवे का सर्वे कराने के साथ ही जिन स्थानों पर सड़क उखड़ी है या गड्ढे हैं, उसे ठीक कराया जाएगा। उन्होंने पुलिया के धसकी सड़क की भी जांच कराकर उसे ठीक कराया जाएगा।