फर्रुखाबाद। गर्मी बढ़ने के साथ ओवर लोडिंग से ट्रांसफार्मरों के फुंकने की संख्या में इजाफा होने लगा है। हर माह ट्रांसफार्मरों के फुंकने की संख्या बढ़ती जा रही है। इससे फुंके ट्रांसफार्मरों को शीघ्र बदलने का संकट पैदा होने लगा है। 48 घंटे में बदलने वाला ट्रांसफार्मर चार से पांच दिन या 15 दिन बाद बदलता है। इससे ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रांसफार्मरों के फुंकने की शिकायतों पर नजर डालें तो मार्च से मई तक लगातार ट्रांसफार्मरों के फुंकने की संख्या बढ़ती जा रही है। अभी कुछ दिन से गर्मी अधिक हुई तो ट्रांसफार्मर और भी तेजी से फुंकने लगे हैं। इससे विद्युत निगम के वर्कशॉप में ट्रांसफार्मर तैयार कर उपलब्ध कराना भी मुश्किल होने लगा है। वर्कशॉप में एक माह में करीब 180 फुुंके ट्रांसफार्मरों को तैयार करने की क्षमता है।
एक ट्रांसफार्मर को तैयार करने में करीब तीन से चार दिन लग जाते हैं। लेकिन ट्रांसफार्मरों के फुंकने की संख्या भी तेजी से बढ़ गई है। मार्च 2021 में 98 ट्रांसफार्मर फुंके थे। जबकि अप्रैल में ट्रांसफार्मरों के फुंकने की संख्या 141 पहुंच गई। मई में तो 28 दिन में 185 ट्रांसफार्मर फुंक गए। 21 से 28 मई तक करीब 20 ट्रांसफार्मरों के फुंकने की शिकायत आई है। ट्रांसफार्मरों के फुंकने की संख्या बढ़ने से उनको सही करने में भी दिक्कत हो रही है। इससे समय से फुंके ट्रांसफार्मर को बदलने का संकट पैदा हो गया है। जिस कारण शासन के आदेश के अनुसार 48 घंटे में फुंका हुआ ट्रांसफार्मर नहीं बदल पा रहा है।
कमालगंज के गांव राजेपुर सरायमेदा में 100-100 केवीए के दो ट्रांसफार्मर लगे हैं। यह करीब 15 दिन पूर्व फुंक गए थे। इनकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी गई और ऑन लाइन शिकायत भी दर्ज कराई गई। इसके बावजूद 48 घंटे में ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया। वह करीब 15 दिन बाद शुक्रवार को बदले गए।
कमालगंज के गांव कधरापुर में एक किसान के नलकूप का 25 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया था। उसको बदलने के लिए ऑनलाइन दो बार शिकायत दर्ज कराई गई। तब कहीं जाकर एक माह बाद ट्रांसफार्मर बदला गया।
‘गर्मी बढ़ने और ओवर लोड होने से ट्रांसफार्मर अधिक फुंक रहे हैं। जहां से शिकायत आती है, वहां तत्काल दूसरा ट्रांसफार्मर ठेकेदार के माध्यम से लगाने के लिए भेज दिया जाता है। अगर कोई शिकायत संबंधित क्षेत्र के जेई समय से उनके पास नहीं भेजते हैं तो उसी ट्रांसफार्मर को बदलने में देरी होती है।’
-विजय शंकर जेई, वर्कशॉप विद्युत