फर्रुखाबाद/अमृतपुर। गंगा का जलस्तर सोमवार को फिर खतरे के निशान पर पहुंच गया। 50 से अधिक परिषदीय स्कूल बंद होने के साथ करीब 100 गांव प्रभावित हैं। चित्रकूट डिप पर दो फीट से अधिक पानी बहने से फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया है। उधर, शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर गांव चौरा के पास भी दो फीट से अधिक पानी बहने से लोग जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। रामगंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 25 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है।
नरौरा बांध से सोमवार को 99297 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। जलस्तर 137.00 से बढ़कर खतरे के निशान 137.10 मीटर पर फिर पहुंच गया। गंगा का जलस्तर कुछ दिन पहले ही खतरे के निशान से नीचे था। राजेपुर विकास खंड के गांव चित्रकूट के पास डिप पर तेजी से पानी बह रहा है। इसके चलते फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग एक सप्ताह बाद फिर से बंद कर दिया गया है।
गंगा के किनारे तीसराम की मड़ैया, उदयपुर, कंचनपुर, सबलपुर, बरुआ, चित्रकूट, रामप्रसाद, नगला कालिका, नगला मिघन, रामपुर, जोगराजपुर, मंझा, करनपुर घाट, माखन नगला, कुसुमापुर, अंबरपुर आदि गांवों की परेशानी बढ़ गई है। जिन घरों से कुछ ही दिन पहले पानी कम होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी, वहां दोबारा घरों में पानी पहुंचने से लोग भयभीत हैं।
स्वास्थ्य टीम न जाने से बाढ़ प्रभावित गांवों में बुखार से लोग पीड़ित हैं। दवा न मिलने से ग्रामीण नाव या पैदल बाढ़ का पानी पार कर झोलाछाप से दवा लेने लिए मजबूर हैं। सबसे बड़ा से संकट पशुओं के चारे का है। ग्रामीणों का कहना है कि घरों की सफाई शुरू कर दी थी और जरूरी सामान वापस ले जाने लगे थे। अब बाढ़ का पानी भरने से घर से सामान को छत या ऊंचे स्थान पर ले जाने के लिए मजबूर हैं। दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान होने लगा है।
रामगंगा नदी भी अब उफान पर है। इसका जलस्तर बढ़ने से जो गांव बचे थे, वहां भी पानी पहुंचने लगा है। खो-हरेली रामनगर बैराज से रामगंगा में 23,875 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर 136.60 से बढ़कर 136.85 मीटर पर पहुंच गया है। रामगंगा के जलस्तर में 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। खतरे के निशान 137.10 मीटर से 25 सेंटीमीटर नीचे है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि गंगा व रामगंगा का जलस्तर करीब 10 सेंटीमीटर और बढ़ने की संभावना है।
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बच्चों की पढ़ाई पर संकट, स्कूलों में भरा पानी
अमृतपुर। गंगा में दोबारा बाढ़ आने से बच्चों की पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया है। स्कूल परिसरों व आसपास पानी भर जाने से कई विद्यालयों में शिक्षण कार्य बंद है। गांव की गलियों में पानी भरने से बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है। शिक्षक भी पानी के कारण गांवों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
ब्लॉक राजेपुर के बाढ़ प्रभावित प्राथमिक विद्यालय रामपुर, जोगराजपुर, मंझा, कुड़री सारंगपुर, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, गांधी प्रथम, चित्रकूट, रामप्रसाद नगला, अम्बरपुर, उदयपुर, सबलपुर, भुढ़िया भेड़ा, कुबेरपुर, बरुआ आदि विद्यालयों में पानी भर गया है। पहले पानी कम होने से स्कूलों में दोबारा पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद जगी थी लेकिन गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने से हालात बिगड़ गए।
स्कूलों में पानी भरने से कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में 50 से अधिक विद्यालय बंद चल रहे हैं।