मॉडल स्टेशन में चयनित रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण की कछुआ चाल यात्रियों के लिए मुसीबत बन गई है। पांच नंबर प्लेटफार्म एक माह से खुदा पड़ा है। दो दिन पहले पत्थर लगना शुरू हुए, जो सोमवार तक चार मीटर भी नहीं लग सके। कहीं नालियां खुदी पड़ी हैं, तो कहीं ईंट-रोड़े बिखरे हैं। पार्क में पौधे लगाना तो दूर, निर्माण भी पूरा नहीं हो सका है।
रेलवे अफसरों के अनुसार जीएम का निरीक्षण 20 दिसंबर को हो सकता है। ऐसे में मात्र 25 दिन ही बचे हैं और स्टेशन के हालात बेहद खराब हैं। निर्माण विभाग के अधिकारी काम को कछुआ चाल से करवा रहे हैं। जीएम को पांच नंबर प्लेटफार्म पर ही केंद्रित रखने की रणनीति पहले ही बन चुकी है।
इसके बावजूद इस प्लेटफार्म पर भी काम बेहद धीमा है। एक महीने तक खुदा पड़ा होने के बाद आठ दिन पहले पत्थर तो डलवा दिए गए, मगर लगाने का काम शुरू नहीं किया गया। हालात ऐसे हैं कि दो दिन पहले पांच नंबर प्लेटफार्म पर पत्थर लगाने का काम शुरू किया गया, मगर चार मीटर भी नहीं लग पाया। प्लेटफार्म के किनारे नाली खोदकर डाल दी गई है।
यही नहीं प्लेटफार्म के किनारे लगने वाली सीमेंट की पटियां भी अभी 200 मीटर दूरी तक ही बदल पाई हैं। जीआरपी थाने के सामने बन रहे पार्क में पाथ बनाए जा रहे हैं, जबकि न तो घास लगाने का काम शुरू हुआ और न ही पौधे रोपे गए। इसके अलावा प्लेटफार्म एक, दो, तीन और चार पर भी कोई काम नहीं दिखाई दे रहा है। यही गति रही तो जीएम के निरीक्षण तक निर्माण पूरा होना मुश्किल ही है।
...तो आएगी गुणवत्ता में कमी
रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी अभी निर्माण में गति में तेजी नहीं ला रहे हैं। जीएम के निरीक्षण से चंद दिन पहले रात-दिन काम करवाया जाएगा। आपाधापी में होने वाले कार्य की गुणवत्ता को कोई नहीं परख पाएगा। इसीलिए अधिकारी इस वक्त लापरवाही बरत रहे हैं।
‘स्टेशन पर कई स्थानों पर कार्य चल रहा है। जो भी काम चल रहे हैं, सभी कार्यों को जीएम के निरीक्षण तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।’
-अश्वनी कुमार तिवारी, सहायक मंडल इंजीनियर, फर्रुखाबाद।