फर्रुखाबाद। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक को समेकित शिक्षा के तहत संचालित कैंप में मूकबधिर बच्चे जमीन पर दरी पर सर्दी से ठिठुरते मिले। इनको सर्दी से निजात के लिए गद्दे मुहैया नहीं कराए गए। यह हालत देख एडी बेसिक ने नाराजगी जताई। यह कैंप हर साल दस माह के लिए खुलता है। बच्चों के गद्दे खरीदने के नाम पर हजारों रुपयों का खेल होता है।
सर्व शिक्षा अभियान की योजना समेकित शिक्षा के तहत मूक बधिर बच्चों के लिए प्रत्येक वर्ष 10 महीने के लिए नरेन्द्र सरीन मांटेसरी स्कूल में कैंप लगता है। इसमें पंजीकृत होने वाले मूकबधिर बच्चों के लिए सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शासन से बजट आता है। शुक्रवार रात करीब 9.30 पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने कैंप का औचक निरीक्षण किया। यहां सर्दी में जमीन पर दरी बिछाए लेटे मूकबधिर बच्चों को कांपता हुआ देख वह हैरान रह गए।
इनके लिए पहले कैंप संचालन के दौरान खरीदे गए गद्दे मुहैया नहीं कराए गए। इस कारण बच्चों को सर्दी में ठिठुर कर रात गुजारनी पड़ती है। यह देखकर एडी बेसिक ने नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान दो केयर टेकर और एक वार्डन पूनम एडीबेसिक को अनुपस्थित मिलीं। कैंप में 113 पंजीकृत बच्चों में से 69 उपस्थित थे।
एडी बेसिक ने डीसी राजेश वर्मा को अनुपस्थित मिले दोनो केयर टेकर और वार्डन पूनम को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने का आदेश दिया है। कैंप में तैनात वार्डन रोहित कुमार ने 30 नवंबर 2015 को पद से त्यागपत्र दे दिया था। इस कारण वार्डन का पद रिक्त चल रहा है।
एडीबेसिक ने शिक्षा उन्नयन संबंधी मांगी रिपोर्ट
फर्रुखाबाद। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक नंद कुमार ने प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बेगीश गोयल से शिक्षा के उन्नयन संबंधी रिपोर्ट तलब की है।
एडीबेसिक के बीएसए कार्यालय में आए पत्र में कहा गया कि परिषदीय स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता, विद्यालय श्रेणीकरण, एमडीएम के तहत दूध वितरण एवं गुणवत्ता, विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति व अनपुस्थिति संबंधी रिपोर्ट एक सप्ताह में उपलब्ध कराई जाए।