फर्रुखाबाद। नगर पालिका क्षेत्र में तिर्वा कोठी नलकूप की बोरिंग फेल हो गई। छह माह से बालू आने के बावजूद सुधार की बजाय एक के बाद एक चार मोटरें फूंक दी गईं। इससे लाखों रुपये खर्च हो गए।
अब जीआईसी काॅलेज नलकूप की मोटर भी फुंक गई। इससे सात मोहल्लों के करीब पांच हजार घरों में पेयजलापूर्ति ठप हो गई। ऐसे में जिम्मेदार जनता को पानी देने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
फतेहगढ़ के तिर्वा कोठी में लगे नलकूप में करीब छह माह से बालू आ रही थी। इससे एक के बाद एक चार मोटरें फुंकती रहीं। नगर पालिका परिषद बालू बंद करने के उपाय की बजाय मोटरों की मरम्मत में लाखों रुपये खर्च करती रही। पिछले सप्ताह बोरिंंग को फेल घोषित कर दिया गया।
इससे सिविल लाइन मढ़ैया, ग्वाल टोली टिलिया और सरकारी कालोनी के करीब दो हजार घरों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया। रविवार को शहर के जीआईसी में लगे नलकूप का मोटर भी फुंक गया। इससे घेर शामू खां, सिविल लाइंस आदि मोहल्लों के तीन हजार घरों में पानी आपूर्ति बंद हो गई। गर्मी में लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।इनसेट
हैंडपंपों में मोटर डालकर पानी देने पर माथापच्ची
तिर्वा कोठी के पास बनी सरकारी कालोनी में कई हैंडपंप लगे हैं। इनमें लोगों ने सबमर्सिबल डलवाकर पानी की जरूरत पूरी कर ली है। नगर पालिका ने एक और नया हैंडपंप लगाया। अब उस हैंडपंप में पालिका की ओर से सबमर्सिबल डलवाकर आसपास के लोगों को पेजलापूर्ति मुहैया कराने की दिशा में माथापच्ची चल रही है। हालांकि अन्य मोहल्लों की ओर कोई ध्यान नहीं है।
तिर्वा कोठी बोरिंग करीब 20 साल पुरानी है। उसकी मरम्मत की उम्मीद के चलते टेंडर निकाल दिया है। कुछ दिन में उस पर काम शुरू कराया जाएगा। वोल्टेज समस्या की वजह से मोटरों में खराबी आ जाती है।
-विनोद कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद